सिर्फ बेटे को नहीं, बेटियों को भी पढ़ायें, खेती न छोड़ें आदिवासी
Updated at : 04 Feb 2018 2:47 AM (IST)
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39वां स्थापना दिवस. शिबू ने समर्थकों से किया आह्वान, कहा खुशहाल झारखंड बनाने के लिए आगे आएं युवा : शिबू सोरेन राज्य हमें मिल गया, पर अधूरा रह गया सपना : हेमंत दुमका/रांची : झामुमो के 39 वें स्थापना दिवस पर गांधी मैदान में आयोजित जनसभा देर रात 1.40 बजे तक चली. पार्टी सुप्रीमो शिबू […]
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39वां स्थापना दिवस. शिबू ने समर्थकों से किया आह्वान, कहा
खुशहाल झारखंड बनाने के लिए आगे आएं युवा : शिबू सोरेन
राज्य हमें मिल गया, पर अधूरा रह गया सपना : हेमंत
दुमका/रांची : झामुमो के 39 वें स्थापना दिवस पर गांधी मैदान में आयोजित जनसभा देर रात 1.40 बजे तक चली. पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने जल, जंगल व जमीन को झारखंडियों की पहचान बताया. उन्होंने कहा कि खेतीबाड़ी से खुद को लोग जोड़े रखें, तभी अपनी माटी से भी लगाव रहेगा. उन्होंने कहा कि जल, जंगल व जमीन को लेकर ही उन्होंने संघर्ष किया था. लड़ कर झारखंड राज्य लिया. राज्य अब हमारा है, पर जो सपने थे, खुशहाल झारखंड का, वे अब तक पूरे नहीं हुए. सपनों को पूरा करने के लिए नयी पीढ़ी को आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि केवल बेटे को ही नहीं बेटियों को भी पढ़ायें, उन्हें आगे बढ़ायें.
दान में नहीं संघर्ष से मिला राज्य : झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य बनाने में अनगिनत लोग शहीद हुए थे. अनगिनत महिलाएं विधवा हुई थी. कई के सिर से पिता का साया उठा था. यह राज्य हमारे पूर्वजों ने दान में नहीं लिया था, संघर्ष कर, छीन कर, लड़ कर लिया था. राज्य हमें मिल गया, पर जो सपना था कि आनेवाली पीढ़ी सुख चैन से रहेगी. वह सपना पूरा नहीं हुआ है. किसानों की खेत में पानी होगा. रोजगार होंगे, नौकरी होगी. 17 साल में ये सपने पूरे नहीं हुए. इस राज्य के जो राजनीतिक हालात हैं वे किसी से छिपे हुए नहीं है. जिन लोगों ने सबसे अधिक झारखंड में राज किया,
वहीं लोग बिहार विधानसभा में झारखंड अलग राज्य के प्रस्ताव को फाड़ने का काम करते थे. भाजपा ने चतुराई से विधायकों की खरीद फरोख्त के जरिये पूर्ण बहुमत की सरकार तो बना ली, लेकिन तीन साल में झारखंड को तहस-नहस कर दिया. अलग राज्य की लड़ाई के लिए हमारे पूर्वज संकल्पित हुए, उसी तरह 2019 में भाजपा भगाओ के लिए कमर-कसने की जरूरत है. पूरा देश व राज्य आज त्रस्त है, त्राहिमाम है. श्री सोरेन ने कहा कि हमारी जमीन से कोयला निकलेगा, तो हम क्यों नहीं निकालें. हमारे कोयले से झारखंड में बिजली बनेगी, हमारा कोयला जलेगा, पर बिजली बांग्लादेश जायेगी. ऐसे में झारखंड की स्थिति कैसे सुधरेगी. यह सरकार ऐसी है कि विरोध करो, तो जेल में डालती है.
जब डीजीपी ही बदनाम, तो कैसे रहेगी सुरक्षा दुरुस्त : हेमंत सोरेन ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर भी रघुवर सरकार को जम कर घेरा. कहा कि जिस दिन शिकारीपाड़ा में मुख्यमंत्री आते हैं, बैंककर्मियों के साथ बैठक करते हैं. उसी रात सरसडंगाल के एटीएम से 30.20 लाख रुपये की चोरी हो जाती है. मुख्यमंत्री के आने के दौरान क्षेत्र सुरक्षित नहीं होता, पुलिस सक्रिय नहीं होती, तो दूसरे इलाके कैसे सुरक्षित होंगे. मिहिजाम में भी 60-70 लाख रुपये लूट लिए गये.
जिस राज्य का मुखिया और डीजीपी ही बदनाम हो तो राज्य की सुरक्षा कैसे दुरुस्त हो सकती है. श्री साेरेन के कहा कि दुमका जैसे शांत प्रमंडल में लड़की का अपहरण होता है, सामूहिक दुष्कर्म होता है. रांची में दुष्कर्म होता है. न्याय मांगने कोई मुख्यमंत्री के पास जाता है, तो फटकार कर भगा दिया जाता है.
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