शराब बेचना छोड़ कुटीर उद्योग से जुड़ेंगी महिलाएं

Updated at : 30 Jan 2018 5:04 AM (IST)
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शराब बेचना छोड़ कुटीर उद्योग से जुड़ेंगी महिलाएं

स्माइलिंग सारा. मैपिंग करा कर जिला प्रशासन ऐसी महिलाओं की संख्या का लगायेगा पता बालीजोर की सारा हांसदा बेचती थी शराब, अब बाली फुटवियर की बनी हिस्सा चप्पल बना कर जिंदगी संवार रही महिलाएं फरवरी तक पूरा हो जायेगा मैपिंग का कार्य दुमका : दुमका में महिलाओं को शराब न बेचने एवं उन्हें किसी अन्य […]

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स्माइलिंग सारा. मैपिंग करा कर जिला प्रशासन ऐसी महिलाओं की संख्या का लगायेगा पता

बालीजोर की सारा हांसदा बेचती थी शराब, अब बाली फुटवियर की बनी हिस्सा
चप्पल बना कर जिंदगी संवार रही महिलाएं
फरवरी तक पूरा हो जायेगा मैपिंग का कार्य
दुमका : दुमका में महिलाओं को शराब न बेचने एवं उन्हें किसी अन्य बेहतर कार्य जैसे कुटीर उद्योग में काम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जायेगा. इसके लिए जिला प्रशासन ने स्माइलिंग सारा नाम से अभियान चलाने का एलान किया है. सारा हांसदा जो पहले शराब बेचने का काम करती थी. अब बालीजोर में चप्पल बना कर अपनी जिंदगी संवार रही है. सारा उपायुक्त मुकेश कुमार द्वारा गोद लिये गये गांव बालीजोर में बाली फुटवेर की हिस्सा बनी है. जिला प्रशासन इस स्माइलिंग सारा अभियान के तहत उन सभी महिलाओं मैपिंग करा कर उनकी संख्या का पता लगायेगा, जो शराब बेचती है.
उपायुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि मैपिंग के बाद परामर्श व जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को इस व्यापार की उपयोगिता के बारे में बताया जायेगा. उन्हें इस धंधे को छोड़ कर कोई अन्य बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जायेगा. फरवरी 2018 के मध्य तक मैपिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा. शराब का धंधा छोड़ने वाली महिलाओं को कुटीर उद्योग से जोड़ा जायेगा तथा उन्हें हर प्रकार का सहयोग मुहैया कराया जायेगा. जिला प्रशासन उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए अवसर प्रदान करेगा. इनमें से कुछ को बालीजोर में फुटवियर निर्माण में समायोजित किया जायेगा, तो कुछ महिलाओं को अगरबत्ती के निर्माण में लगाया जायेगा. महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ कर सशक्त बनाया जायेगा. इस दिशा में कार्य शुरू हा गया है.
‘बासुकी’ ब्रांड की अगरबत्ती निर्माण का लिया निर्णय
अगरबत्ती का उत्पादन दुमका जिले में बड़े पैमाने पर किया जाता है. दुमका व देवघर में अगरबत्ती की बहुत मांग है. लेकिन उचित ब्रांडिंग और मार्केटिंग की कमी के कारण दुमका के अगरबत्ती निर्माताओं को उचित बाजार व आमदनी नहीं मिल पा रही है. जिला प्रशासन ने दुमका में निर्मित होने वाली अगरबत्ती को एक ब्रांड नाम ‘बासुकी’ देने का निर्णय लिया है. इसी नाम से इसकी ब्रांडिंग की जायेगी. अन्य छोटे एवं कुटीर उद्योगों में भी उन्हें कार्य दिया जायेगा. श्री कुमार ने कहा कि सारा जैसी महिलाएं सभी के लिए प्रेरणास्रोत है और अन्य महिलाओं को भी आगे आना चाहिए. शराब के धंधे को छोड़कर प्रतिष्ठित व्यापार-पेशा को अपनाना चाहिए. जिला प्रशासन उन्हें हर संभव सहायता और समर्थन प्रदान करेगा.
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