दुमका सदर अस्पताल में मरीज की मौत, लापरवाही का आरोप

Updated at : 27 Sep 2017 5:19 AM (IST)
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दुमका सदर अस्पताल में मरीज की मौत, लापरवाही का आरोप

दुमका : सदर अस्पताल दुमका में मंगलवार को दोपहर बाद आइसीयू वार्ड में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों का कहना था कि जिस वक्त मरीज को सदर अस्पताल लाया गया था, उस वक्त उनकी स्थिति उतनी खराब नहीं थी. […]

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दुमका : सदर अस्पताल दुमका में मंगलवार को दोपहर बाद आइसीयू वार्ड में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों का कहना था कि जिस वक्त मरीज को सदर अस्पताल लाया गया था, उस वक्त उनकी स्थिति उतनी खराब नहीं थी. वे बातचीत भी कर रहे थे. सांस लेने में तकलीफ थी.

दुमका सदर अस्पताल में…
अस्पताल लाये जाने पर उन्हें आइसीयू वार्ड में डाला गया. उसके बाद दो सूई भी दी गयी. उन्हें ऑक्सीजन भी लगाया गया. पर चंद ही मिनट में उनकी मौत हो गयी.
नर्स ने बोली थी- खत्म हो गया है ऑक्सीजन : परिजन
मरीज चित्तरंजन दास लगभग पैंसठ साल का था और पावरोटी बनाने वाली बेकरी में मजदूरी करता था. परिजनों-रिश्तेदारों ने बताया कि उनकी हल्की तबीयत खराब हुई थी. अस्पताल लाते वक्त भी वे बात कर रहे थे. उनकी मौत ऑक्सीजन सिलिंडर में ऑक्सीजन न रहने की ही वजह से हुआ है. जिस नर्स ने ऑक्सीजन लगाया था, उसी ने पहले कहा कि ऑक्सीजन चल रहा है, पर बाद में उसी ने कहा कि खत्म हो गया है.
डीएस और डॉक्टर के चेंबर में घुस कर किया हंगामा : परिजनों ने अस्पताल उपाधीक्षक के कमरे में पहुंच कर हंगामा किया. उस वक्त अस्पताल उपाधीक्षक वहां मौजूद नहीं थे. उनके चेंबर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विनोद कुमार सिन्हा अकेले बैठे हुए थे. परिजनों ने उन्हें पहले घेरा, बाद में ओपीडी में चेंबर में बैठे डॉ कुमार अभय को घेरा और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया.
जब मौत हो गयी थी, तो क्यों लगाया ऑक्सीजन: परिजनों को डॉक्टर ने समझाने का प्रयास किया कि मरीज को जब लाया गया था, तभी उनकी स्थिति गंभीर थी. इसलिए आइसीयू में ही उन्हें ले जाया गया था, उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गयी.
आज मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. अस्पताल लेकर हमलोग आये थे. ऑक्सीजन लगाया गया था. दस मिनट भी नहीं हुआ था, ऑक्सीजन भी खत्म हो गया था और मरीज की भी मौत हो गयी थी. खाली सिलिंडर लगा देने से ही मरीज की जान चली गयी.
– विशु दास, मृतक का रिश्तेदार
जिस नर्स ने ऑक्सीजन लगाया था, उस वक्त उसने कहा था कि ऑक्सीजन चल रहा है. थोड़ी देर बाद फिर उसी ने कहा कि आॅक्सीजन नहीं चल रहा है खत्म हो गया है. हमने पूछा भी कि खत्म हो गया था तो क्यूं लगाये. उसके बाद डाॅक्टर को बुलाया गया. डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया.
– सती दासी, मृतक की रिश्तेदार
ऑक्सीजन की कमी से गयी जान : परिजन
परिजनों के मुताबिक, जिस सिलिंडर को लगाया गया था, उसमें ऑक्सीजन समाप्त हो गया था. ऑक्सीजन नहीं रहने से ही मरीज ने दम तोड़ दिया. मरीज की मौत के बाद स्थिति को भांपते हुए आइसीयू वार्ड के कर्मी वहां से निकल गये.
ऑक्सीजन की नहीं है कमी : सीएस
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ दिलीप केशरी ने कहा कि मरीज गंभीर अवस्था में ही लाया गया था. इलाज के क्रम में ही मरीज ने दम तोड़ा है. पर्याप्त ऑक्सीजन सिलिंडर अस्पताल में उपलब्ध है.
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