रघुनाथपुर में जलापूर्ति बाधित, बीडीओ ने जेई से मांगा स्पष्टीकरण
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 09 Jun 2024 12:23 AM
जलापूर्ति योजना बाधित
बीडीओ ने कहा- कंट्रोल रूम में तैनात जेई ने नहीं उठाया फोन बलियापुर. भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर बलियापुर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने कंट्रोल रूम में ताम पेयजल व स्वच्छता विभाग की जूनियर इंजीनियर लखीराम माझी से स्पष्टीकरण मांगा है. उन्हें 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश दिया गया है. अन्यथा विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. विदित हो कि बलियापुर क्षेत्र में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के फेज-1 व 2 के तहत प्रखंड की सभी पंचायतों में जलापूर्ति की जाती है. लेकिन भीषण गर्मी में कई गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. पेयजल की समस्या के निदान को लेकर बलियापुर बीडीओ ने प्रखंड कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है. कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों का जूनियर इंजीनियर को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन वह रुचि नहीं ले रहे हैं. बीडीओ का कहना है कि शनिवार को बड़ादाहा पंचायत के रघुनाथपुर गांव में योजना के तहत जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत मिलने पर वह जांच करने गये थे. ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर 9:00 बजे जूनियर इंजीनियर श्री मांझी को फोन से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. अपराह्न सवा 2:00 बजे तक जूनियर इंजीनियर ने बीडीओ से कोई संपर्क नहीं किया. इसके कारण जूनियर इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है. इन गांवों में नहीं हो रही जलापूर्ति : बलियापुर के आमझर, पहाड़पुर, बलियापुर मस्जिद टोला, सिंगियाटांड, बरमुड़ी, कोड़ाहीर, पांडेडीह, चौकटांड़, परसबनिया, सालपतरा, मोको बड़ादाहा आदि गांवों में ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जलापूर्ति नहीं हो रही है. इससे भीषण गर्मी में ग्रामीण परेशान हैं. 2016 में तत्कालीन मंत्री ने किया था मेगा जलापूर्ति योजना का शिलान्यास : विदित हो कि वर्ष 2016 में बलियापुर ग्रामीण मेगा जलापूर्ति का शिलान्यास तत्कालीन झारखंड सरकार के विभागीय मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया था. वर्ष 2018 में सभी घरों में पाइप लाइन से जलापूर्ति करना था, लेकिन साल सात बाद भी ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल रहा है. जलापूर्ति को लेकर कई बार ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था. शीतलपुर में निर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सफल नहीं रहा. इससे 41 गांवों को पानी नहीं मिल रहा है. कहीं गड़बड़ी है तो सुधार किया जायेगा : कनीय अनियंंता इस संबंध में पेयजल व स्वच्छता विभाग का जूनियर इंजीनियर लखीराम मांझी का कहना है कि अगर कहीं जलापूर्ति बाधित है, तो तकनीकी गड़बड़ी का सुधार किया जायेगा.
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