Dhanbad News:- जलकुंभी से घुट रहीं राजा तालाब की सांसें, हाईकोर्ट में अटकी सौंदर्यीकरण योजना
Published by : ASHOK KUMAR Updated At : 01 Jun 2026 1:41 AM
जमीन विवाद के कारण पिछले डेढ़ साल से हाईकोर्ट में लंबित है मामला. काम बंद होने से लगातार बिगड़ती जा रही तालाब की स्थिति.
शहर की ऐतिहासिक धरोहर और कभी आसपास के गांवों की जीवनरेखा रही सुगियाडीह स्थित राजा तालाब का अस्तित्व संकट में है. जलकुंभी व गंदगी से पट चुके इस तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना जमीन विवाद के कारण पिछले डेढ़ साल से हाईकोर्ट में लंबित है. नतीजतन तालाब की हालत लगातार बदतर होती जा रही है. इसके संरक्षण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गयी है. झरिया के राजा शिवप्रसाद सिंह द्वारा विकसित इस तालाब का नाम भी उन्हीं के नाम पर पड़ा था. एक समय यह तालाब स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख जल स्रोत होने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का केंद्र भी था. सुगियाडीह, रंगनीभीठा, बगुला बस्ती और साबलपुर आदि गांवों के लोग इस तालाब के पानी का इस्तेमाल करते थे.
2.62 करोड़ रुपये की लागत से होना था सौंदर्यीकरण
नगर निगम ने वर्ष 2024 में 2.62 करोड़ रुपये की लागत से राजा तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना शुरू की थी. इसके तहत तालाब की मिट्टी कटाई और अन्य कार्य शुरू किये गये थे. इसी बीच एक रैयत ने अपनी जमीन होने का दावा करते हुए 25 सितंबर 2024 को झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर दी. नगर निगम ने 16 अक्तूबर 2024 को अदालत में अपना पक्ष रखा, मामला अब भी कोर्ट में लंबित रहने से काम पर रोक लगी हुई है. काम बंद होने से तालाब की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. वर्तमान में तालाब जलकुंभी से भर चुका है. पानी में बदबू आ रही है और गंदगी के कारण इसका उपयोग लगभग बंद हो गया है.
विधायक मद से बना था छठ घाट
वर्ष 2008 में विधायक मद से यहां छठ घाट का निर्माण कराया गया था. स्थानीय ग्रामीण सुरेश कुमार बताते हैं कि पहले लोग यहां नहाने-धोने के साथ छठ पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते थे. अब दुर्गंध और गंदगी के कारण यहां पूजा-अर्चना करना मुश्किल हो गया है. आसपास के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही तालाब की सफाई और जीर्णोद्धार का काम शुरू नहीं हुआ तो यह ऐतिहासिक जलस्रोत धीरे-धीरे समाप्त हो सकता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










