Dhanbad News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को बीस वर्ष की सश्रम कैद

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घुमाने के बहाने तोपचांची में दुष्कर्म की घटना को दिया था अंजाम

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घुमाने के बहाने तोपचांची में दुष्कर्म की घटना को दिया था अंजाम

Dhanbad News: घुमाने के बहाने तोपचांची ले जाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में बुधवार को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश कमलेश कुमार शुक्ला की अदालत ने सजा की बिंदु पर फैसला सुनाया. अदालत ने हजारीबाग मझगवां निवासी सोनू चंद्र पांडे को पोक्सो एक्ट की धारा छह में दोषी पाकर बीस वर्ष सश्रम कैद एवं 23 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. अदालत ने 11 सितंबर 2025 को जेल में बंद सोनू को दोषी करार दिया था. अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक समित प्रकाश ने किया. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद पाठक ने पैरवी की. इस मामले में पीड़िता के पिता की शिकायत पर तोपचांची थाना में सात दिसंबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

सोशल साइट के माध्यम से की थी दोस्ती

इसके मुताबिक सोनू ने पीड़िता से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की थी फिर उसका मोबाइल नंबर लेकर उससे बातचीत करने लगा. आठ नवंबर 2021 को सोनू ने पीड़िता को घुमाने ने के बहाने बुलाया और तोपचांची झील ले जाकर वहां उसके साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बना लिया. वह वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए सोनू को ब्लैकमेल करते हुए उसका यौन शोषण करने लगा. पीड़िता के गर्भवती होने पर गर्भपात कराने का दबाव देने लगा. इस दौरान 21 जुलाई 2023 को उसने पीड़िता को धक्का देकर गिरा दिया था, जिससे वह काफी जख्मी हो गई थी. उसके अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था.

जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को दिया भुगतान का आदेशधनबाद. जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद के अध्यक्ष ललित प्रकाश चौबे व सदस्य शिप्रा की खंडपीठ ने एक उपभोक्ता वाद में फैसला सुनाया. आयोग ने विपक्षियों नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओजोन प्लाजा यूनिट नंबर 313, थर्ड फ्लोर ब्लॉक ए बैंक मोड़ धनबाद, नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कॉरपोरेट ऑफिस गुरुग्राम 12102 हरियाणा व ब्रांच मैनेजर नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ओजोन प्लाजा यूनिट नंबर 313 थर्ड फ्लोर बैंक मोड़ धनबाद को आदेश दिया कि वह एक माह के अंदर परिवादी सुशील कुमार सिंह आनंद रेजीडेंसी नियर कार्मेल स्कूल झारूडीह धनबाद को बीमा राशि और मुआवजा का भुगतान करे. इसमें अस्पताल द्वारा दिया गया मेडिकल बिल दो लाख 84 हजार 946 रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजा 50 हजार एवं वाद खर्च के रूप में 10 हजार यानी कुल तीन लाख 44 हजार 946 रुपये शामिल हैं. यदि विपक्षियों द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर अवार्ड राशि 3 लाख 44 हजार 946 रुपए का भुगतान नहीं किया जाता हैं तो उन्हें 10फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना पड़ेगा.

क्या है मामला: परिवादी सुशील कुमार सिंह ने 10 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था. इसकी वैद्यता 30.3.2022 से 29.3.2025 तक थी. उन्होंने प्रीमियम राशि का भुगतान भी किया. इसी बीच परिवादी की पत्नी एक्कोयूट गैस्ट्रो एंटरिटीज एंड सेवर डिहाइड्रेशन से ग्रसित हो गई. उन्हें दो अगस्त 2024 को इलाज के लिए बीएलके मैक्स हॉस्पिटल पूसा रोड दिल्ली में भर्ती कराया गया. हॉस्पिटल ने छह अगस्त 2024 को उन्हें छुट्टी दे दी. उनके इलाज में दो लाख 84 हजार 946 रुपये खर्च हुए. जब परिवादी ने उक्त मेडिकल बिल की अदायगी के लिए इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में लिखित क्लेम किया तो कंपनी ने उनके क्लेम को खारिज कर दिया था. बाध्य होकर परिवादी सुशील कुमार सिंह ने 15 जनवरी 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद में उपभोक्ता वाद दायर किया.

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