धनबाद: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सक ने कहा-खास दिनों में सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करें

Updated at : 28 May 2024 9:13 PM (IST)
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धनबाद: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सक ने कहा-खास दिनों में सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करें

धनबाद के एसएसएलएनटी कॉलेज में मंगलवार 28 जून को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर प्रभात खबर की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान महिला विशेषज्ञ डॉ साधना ने छात्राओं को कैंसर और पर्सनल हाइजीन के बारे में जानकारी दी.

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धनबाद : एसएसएलएनटी महिला महाविद्यालय में मंगलवार को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर प्रभात खबर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ साधना ने छात्राओं को इस दिवस की उपयोगिता, पर्सनल हाइजिन के अलावा सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर व उससे बचाव की जानकारी दी. कार्यक्रम में शामिल बीए, बीएड, पीजी की छात्राओं से डॉ साधना ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के कारण होता है. इसे बचने के लिए नौ से 35 साल की उम्र तक वैक्सीन लगायी जाती है. विश्व महावारी स्वच्छता दिवस 28 तारीख को मनाने का खास मकसद है. क्योंकि महिलाओं का पीरियडस का साइकिल 28 दिनों का होता है. साथ ही पाचवां महीना चुनने का का कारण है, माहवारी अमूमन पांच दिनों की होती है. इसलिए 28 मई को यह दिवस महिलाओं को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है.

नौ से 16 साल मेनार्की का सही समय

भारतीय परिवेश में अमूमन नौ से 16 साल मेनार्की का समय होता है. किशोरियों में जब पहली बार मासिक की शुरूआत होती है, उसे मेनार्की कहते हैं. जब माहवारी बंद होने का समय आता है, उसे मेनोपॉज कहते हैं. अगर नौ साल से पहले माहवारी प्रारंभ हो जाती है, तो यह असामान्य है. मेनोपाज का समय 45 से 55 साल के बीच का है.

जरूरी है स्वच्छता का ध्यान रखना

मासिक के खास दिनों में किशोरियों, युवतियों व महिलाओं को स्वच्छता का खास ध्यान रखने की जरूरत है. आज भी मासिक पर खुलकर बात नहीं की जाती है. इस कारण कई समस्या सामने आती है. ग्रामीण क्षेत्र में तो और भी पर्दा किया जाता है. शहरी क्षेत्र की महिलाएं पीरियड्स को लेकर जागरूक रहती हैं. परेशानी होने पर चिकित्सक से मिलती है. पीरियड्स के समय होनेवाली परेशानी व संक्रमण से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है. खास दिनों में सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. चार से छह घंटे में इसे बदल दें. कॉटन के अंडर गार्मेंटस पहनें. यूरिन पास करने की जरूरत हो, तो उसे रोकें नहीं. खूब पानी पीयें. डेली बाथ लें. सबसे बड़ी बात तनाव में न रहें.

छात्राओं व प्रोफेसर ने पूछे सवाल

कार्यक्रम में छात्राएं व प्रोफेसरों ने स्वच्छता से संबंधित कई सवाल पूछे. इसका जवाब डॉ साधना ने दिया. पूछे गये सवालों में पीसीओडी, पीरियड्स में होनेवाली परेशानी, पर्सनल हाइजिन के थे. मौके पर कॉलेज की प्रोफेसर इंचार्ज विमल मिंज, डॉ सुष्मिता तिवारी, एनएसएस की कॉर्डिनेटर मोनालिसा साहा आदि उपस्थित थीं.

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