फर्जी लाइसेंस मामले में पुलिस पहुंची, नहीं मिले सिटी हॉस्पिटल के संचालक
Updated at : 29 Jul 2024 1:53 AM (IST)
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फर्जी एमबीबीएस की डिग्री मामले के बाद अब ज्ञान मुखर्जी रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ मनोज कुमार 18 लाख रुपये किराया बकाया मामले में फंस गये हैं.
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धनबाद.
फर्जी एमबीबीएस की डिग्री मामले के बाद अब ज्ञान मुखर्जी रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ मनोज कुमार 18 लाख रुपये किराया बकाया मामले में फंस गये हैं. फर्जी लाइसेंस के आधार पर हॉस्पिटल का संचालन करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को बंद कर जांच शुरू की है. रविवार को सिटी हॉस्पिटल में लगा ताला टूटा मिला. वहीं हॉस्पिटल में रखे सामान भी गायब थे. सिटी हॉस्पिटल किराया के मकान में चल रहा था. स्वास्थ्य विभाग की जांच शुरू होने के बाद मकान मालिक राम ध्वजा पांडेय ने 18 लाख रुपये किराया बकाया होने का आरोप लगाया है. आज हॉस्पिटल का ताला टूटा देख मकान मालिक ने इसकी शिकायत धनबाद पुलिस से की. इसके बाद पहुंची पुलिस ने हॉस्पिटल में फिर से ताला जड़ दिया.फर्जी तरीके से लाइसेंस ले कर रहे थे इलाज :
फर्जी तरीके से 2020 में स्वास्थ्य विभाग से सीइए का लाइसेंस लेकर डॉ मनोज कुमार हॉस्पिटल का संचालन कर रहे थे. दिसंबर 2021 में सीइए लाइसेंस फेल हो गया. बाद में पता चला कि सदर अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश प्रसाद के नाम पर उन्हें लाइसेंस निर्गत किया गया है, लेकिन डॉ मुकेश कुमार को इसकी जानकारी तक नहीं थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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