SNMMCH : बिजली कटते ही बंद हो जाती हैं कंसंट्रेटर मशीन, ऑक्सीजन के लिए तड़पने लगते हैं मरीज
Published by : NARENDRA KUMAR SINGH Updated At : 19 Mar 2025 1:49 AM
प्रभात लाइव : इमरजेंसी के महिला व पुरुष वार्ड में हैं 28 बेड, 20 का ऑक्सीजन रेगुलेटर खराब, पाइपलाइन से ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है बाधित
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के सेंट्रल इमरजेंसी स्थित वार्ड में बिजली गुल होते ही मरीज ऑक्सीजन के लिए तड़पने लगते हैं. इमरजेंसी के महिला व पुरुष वार्ड में कुछ बेडों पर ही पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन स्पलाई की व्यवस्था है. इनमें से आधे से ज्यादा बेड के समीप लगे ऑक्सीजन रेगुलेटर खराब हैं. ऐसे में इमरजेंसी के महिला व पुरुष वार्ड में गंभीर मरीजों को कंसंट्रेटर लगाकर ऑक्सीजन मुहैया कराया जा रहा है. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन बिजली से संचालित होती है. इमरजेंसी का पावर कट होने पर मशीन भी बंद हो जाती है और ऑक्सीजन का उत्पादन ठप हो जाता है.
28 में 20 बेड का ऑक्सीजन रेगुलेटर खराब :
इमरजेंसी के महिला व पुरुष वार्ड मिलाकर कुल 58 बेड हैं. दोनों वार्ड मिलाकर 28 बेड के समीप पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाइ की व्यवस्था है. इनमें 20 बेड के समीप ऑक्सीजन रेगुलेटर खराब व चोरी हो गये है. कुछ रेगुलेटर मशीन मरीज के परिजनों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिये गये हैं. इमरजेंसी के कर्मियों के अनुसार दो माह से ज्यादा समय से वार्ड के ज्यादातर बेड में पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था ठप है.इमरजेंसी के वार्डों में गंभीर मरीज होते है भर्ती :
बता दें कि इमरजेंसी बिल्डिंग में बने महिला व पुरुष वार्ड में गंभीर मरीजों को ही भर्ती लिया जाता है. इनमें से ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन स्पोर्ट की जरूरत पड़ती है. वर्तमान में कुछ बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था होने के कारण अन्य जरूरतमंद मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.कैथलैब के बेडों के समीप लगे रेगुलेटर हो गये गायब :
एसएनएमएमसीएच के मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या अधिक और सीमित बेड की व्यवस्था है. इस समस्या से निबटने के लिए प्रबंधन ने कैथलैब बिल्डिंग में 30 बेड की व्यवस्था कर वार्ड का संचालन शुरू किया है. कैथलैब में बने वार्ड के बेड पर पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की व्यवस्था है. कुछ माह से बेड के समीप लगे सभी ऑक्सीजन रेगुलेटर गायब हो चुके हैं. ऐसे में कुछ दिनों से ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों को कैथलैब में भर्ती नहीं लिया जा रहा है.केस स्टडी
सांस लेने की तकलीफ होने के बाद टुंडी के मरीज को रविवार को एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है. इमरजेंसी के पुरुष वार्ड में उसे कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन स्पोर्ट दिया जा रहा है. सोमवार की रात लगभग नौ बजे अचानक इमरजेंसी की बिजली गुल होने से मशीन से ऑक्सीजन का उत्पादन बंद हो गया. जेनेरेटर चलाने में थोड़ा विलंब हुआ. लगभग पांच से सात मिनट के अंतराल पर इमरजेंसी की बिजली लौटी. इस बीच ऑक्सीजन के लिए मरीज तड़पता रहा. इसी तरह मंगलवार को बिजली गुल होने व कंसट्रेटर मशीन के बंद होने से महिला वार्ड में अस्थमा से ग्रसित वृद्धा ऑक्सीजन के लिए तड़पती रही. उक्त मरीज के ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए कंसंट्रेटर मशीन लगायी गयी है.वर्जन
इमरजेंसी के वार्ड में ऑक्सीजन संबंधित कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बहाल एजेंसी ने बीच में काम छोड़ दिया है. इस वजह से परेशानी हो रही है. जल्द ही सभी बेड पर रेगुलेटर की व्यवस्था की जायेगी. वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंभीर मरीजों को एसआइसीयू में भर्ती करने का निर्देश जारी किया गया है.डॉ दिनेश गिंदौरिया,
अधीक्षक, एसएनएमएमसीएचडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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