Dhanbad News : मिशन वात्सल्य योजना के कर्मियों 14 माह से नहीं मिला है मानदेय
Published by : NARENDRA KUMAR SINGH Updated At : 10 Sep 2025 1:23 AM
आर्थिक तंगी से जूझ रहे बच्चों की मुस्कान बनने वाले कर्मी
बाल संरक्षण व बच्चों के अधिकार को लेकर सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है. उन्हीं में एक है मिशन वात्सल्य योजना. इन योजनाओं के क्रियान्वयन में बाल संरक्षण कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. योजन में कार्य करनेवाले कर्मियों को गत 14 माह से मानदेय नहीं मिला है. बच्चों की मुस्कान बननेवाले ये कर्मी आर्थिक तंगी से जूझ से रहे हैं. कोई अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं दे पा रहा है, तो किसी के घर की माली हालत दयनीय हो चुकी है. दुर्गा पूजा भी करीब है. ऐसे में बच्चे नये कपड़े के लिए जिद कर रहे हैं. यहां कार्यरत कर्मियों ने बताया कि उन लोगों ने कई बार राज्य सरकार और विभाग से संबंधित पदाधिकारियों को मानदेय भुगतान के लिए लिए ज्ञापन सौंपा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. कर्मियों ने कहा कि जल्द ही इसका समाधान नहीं निकला, तो इस योजना का असर बाल संरक्षण सेवाओं के संचालन पर पडे़गा.
जानिए क्या है मिशन वात्सल्य योजना :
मिशन वात्सल्य योजना (पूर्व में एकीकृत बाल संरक्षण योजना) केंद्र सरकार की वित्त पोषित योजना है. इसका उद्देश्य बेसहारा, अनाथ, जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा, पुर्नवास और समग्र विकास सुनिश्चित करना है. इस योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है. इसके तहत जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) शेल्टर होम, ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम, फोस्टर केयर व एडॉप्शन सेवाएं संचालित होती हैं. इसके संचालन की जिम्मेवारी जिला स्तरीय बाल संरक्षण समितियों और राज्य स्तरीय निदेशालयों के द्वारा की जाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










