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Dhanbad News: एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में शिक्षकों की कमी, छात्राएं परेशान

Updated at : 09 Sep 2025 2:12 AM (IST)
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Dhanbad News: एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में शिक्षकों की कमी, छात्राएं परेशान

शिक्षकों की कमी से बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अधीन यह एकमात्र अंगीभूत महिला कॉलेज एसएसएलएनटी महिला कॉलेज की प्रतिष्ठा पर ग्रहण लग रहा है.

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फिजिक्स, फिलॉसफी, बंगला और उर्दू की छात्राएं प्राइवेट ट्यूशन व गेस पेपर पर हैं निर्भर

– शिक्षकों के 62 स्वीकृत पद की तुलना में नौ नीड बेस्ड समेत केवल 24 शिक्षक हैं.

– कॉलेज में शिक्षकेतर कर्मियों की काफी कमी है.

धनबाद.

शिक्षकों की कमी से बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अधीन यह एकमात्र अंगीभूत महिला कॉलेज एसएसएलएनटी महिला कॉलेज की प्रतिष्ठा पर ग्रहण लग रहा है. कॉलेज में अंडर ग्रेजुएट के 18, पोस्ट ग्रेजुएट के तीन और बीएड पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, लेकिन कॉलेज के फिजिक्स, फिलॉसफी, बंगला और उर्दू विभाग बिना शिक्षक के चल रहे हैं. इन विषयों की छात्राओं को परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन कराने के लिए अन्य कॉलेजों से शिक्षक बुलाने पड़ते हैं. वहीं, नियमित कक्षाओं के अभाव में छात्राएं प्राइवेट ट्यूशन या गेस पेपर के सहारे कोर्स पूरा कर रही हैं.

अन्य विभागों में भी शिक्षकों का संकट

यूजी के कुल 18 विभागों में से केवल 14 में शिक्षक हैं. इनमें से सात विभागों में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं. इकोनॉमिक्स, मैथ, केमिस्ट्री, बॉटनी, होम साइंस, संस्कृत और म्यूजिक विभाग में यही स्थिति है. हिस्ट्री, इंग्लिश, साइकोलॉजी, जूलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में दो-दो शिक्षक हैं. कॉमर्स में तीन और हिंदी में चार शिक्षक हैं. केवल हिंदी, कॉमर्स और म्यूजिक में ही स्वीकृत पदों के अनुसार शिक्षक उपलब्ध हैं.

किस विभाग में कितने शिक्षक

एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में यूजी में कुल 18 विभाग संचालित होते हैं. इसमें सिर्फ 14 विभागों में ही शिक्षक हैं. इनमें भी सात विभाग में सिर्फ एक – एक शिक्षक हैं. इन सातों विभागों में इकोनॉमिक्स, मैथ, केमस्ट्री, बॉटनी, होम साइंस, संस्कृत और म्यूजिक शामिल हैं. वहीं हिस्ट्री, इंग्लिश, साइकोलॉजी, जूलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में दो-दो शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं कॉमर्स में तीन और हिंदी में चार शिक्षक कार्यरत हैं. जबकि हिंदी, कॉमर्स और म्यूजिक विभाग में स्वीकृत पद के अनुसार ही शिक्षक हैं. शेष 16 विभागों में स्वीकृत की तुलना में कम शिक्षक हैं. कॉलेज में पीजी के भी तीन विभागों का भी संचालन होता है. इनमें पॉलिटिकल साइंस, कॉमर्स और हिस्ट्री का संचालन होता है. इन पीजी विभागों के लिए कॉलेज में अलग से कोई शिक्षक नहीं हैं. इन्हीं शिक्षक के ऊपर ही यूजी के साथ ही पीजी कोर्स के संचालन की जिम्मेवारी है. हालांकि बीएड कोर्स के संचालन के लिए अलग से पर्याप्त शिक्षक हैं.

स्वीकृत पद

कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के 18 विभागों में 62 स्वीकृत पद हैं. कॉलेज में अभी 15 स्थायी और नौ नीड बेस्ड समेत 24 शिक्षक कार्यरत हैं. कॉलेज में इंग्लिश में पांच, हिंदी में चार, उर्दू में एक, संस्कृत में तीन, बंगला में तीन, साइकोलॉजी में तीन, होम साइंस में दो, इकोनॉमिक्स में चार, पॉलिटिकल साइंस में चार, फिलॉसफी में तीन, म्यूजिक में एक, फिजिक्स में पांच, कमेस्ट्री में पांच, बॉटनी में चार, मैथ में तीन, जूलॉजी में पांच और कॉमर्स में असिस्टेंट प्रोफेसर के तीन स्वीकृत पद हैं.

एक भी लैब असिस्टेंट नहीं

कॉलेज में शिक्षकेतर कर्मियों की भारी कमी है. कॉलेज में तृतीय वर्ग कर्मचारियों के 32 स्वीकृत पद हैं. लेकिन सिर्फ छह तृतीय वर्ग कर्मचारी कार्यरत हैं. साइंस संकायों में एक भी लैब असिस्टेंट नहीं है. लाइब्रेरी का संचालन भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है. कॉलेज में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए 46 स्वीकृत पद हैं. इनमें 38 पीयून और आठ लैब बॉय के पद हैं. लेकिन दोनों पदों को मिलाकर केवल 10 चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ही कार्यरत हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ASHOK KUMAR

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