Dhanbad News: राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को लेकर श्रमिक यूनियनों ने कसी कमर

Updated:
विज्ञापन
Dhanbad News: राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को लेकर श्रमिक यूनियनों ने कसी कमर

10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने सोमवार को कहा कि 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान जारी है.

विज्ञापन

देशव्यापी हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने व्यापक रणनीति बनायी है. यूनियनें कंपनी मुख्यालय से लेकर एरिया व कोलियरी स्तर पर लगातार मीटिंग कर तैयारी की समीक्षा कर रही हैं. मोर्चा के नेता व आरसीएमयू के महामंत्री एके झा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) को छोड़ लगभग सभी प्रमुख केंद्रीय और क्षेत्रीय श्रमिक संगठन हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि संयुक्त मोर्चा मंगलवार को हड़ताल की रूपरेखा, अपनी मांगों और रणनीति को स्पष्ट करेगा. इस बीच, धनबाद जैसे खनन क्षेत्र में देश के अन्य इलाकों की तुलना में औद्योगिक हड़ताल का असर कहीं अधिक देखने को मिल सकता है. कोयला उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि बीसीसीएल में खदानों का संचालन ठप होता है, तो कोयला उत्पादन और डिस्पैच पर सीधा असर पड़ेगा. इससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक इकाइयों की आपूर्ति शृंखला भी प्रभावित हो सकती है.

जिला प्रशासन भी सतर्क

इस बीच, हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क है. विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती की योजना बनायी जा रही है. वहीं बीसीसीएल प्रबंधन अपने स्तर पर संभावित हड़ताल से निबटने की योजना पर काम कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, आवश्यक सेवाएं चालू रखने, वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती और न्यूनतम उत्पादन बनाये रखने पर फोकस किया जा रहा है. मुख्यालय से लेकर एरिया स्तर पर कंट्रोल रूम का संचालन शुरू किया गया है.

ये श्रमिक संगठन कर रहे समर्थन

भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस, अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस, हिंद मजदूर सभा, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस, अखिल भारतीय यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर, स्व-रोजगार महिला संघ, अखिल भारतीय केंद्रीय ट्रेड यूनियन परिषद, लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन, यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस, क्षेत्रीय संगठन बीसीएमयू, बीसीकेयू, जेएमएस, यूसीडब्ल्यूयू

जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

चार लेबर कोड्स निरस्त करना, निजीकरण की नीतियों पर रोक, ठेका प्रथा का विरोध और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, बिजली संशोधन बिल 2025 को वापस लेना, ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेना, मनरेगा को मजबूत करना, न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के बजट में कटौती न हो और बैंकिंग, कोयला, परिवहन आदि में विशिष्ट मुद्दे (जैसे विनिवेश रोकना, ग्रेच्युटी बढ़ाना) आदि.

विज्ञापन
आशीष कुमार

लेखक के बारे में

By आशीष कुमार

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola