Dhanbad News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी के कैलेंडे स्थित चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र विक्रम टुडू (20) के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को चाईबासा सदर अस्पताल में किया गया. विक्रम धनबाद जिले के एमपीएल ओपी क्षेत्र की रांगामाटी पंचायत के कानाटांड़ गांव का रहनेवाला था. परिजन शव लेकर शाम करीब चार बजे कॉलेज गेट पर पहुंचे और मुआवजा की मांग को लेकर धरना पर बैठ गये. करीब चार घंटे बाद रात आठ बजे दो लाख रुपये मुआवजा पर सहमति बनी. कॉलेज प्रबंधन ने 50 हजार रुपये नकद और डेढ़ लाख रुपये का चेक सौंपा. वहीं, काॅलेज के शिक्षकों व छात्रों ने भी परिवार को आर्थिक सहयोग किया. इसके बाद शव कानाटांड़ गांव अंतिम संस्कार के लिए लाया गया. वार्ता में जिप सदस्य माधव चंद्र कुंकल, रेयांस सामड, रामेश्वर मरांडी, आशीष हेंब्रम, बाबूजन सोरेन, रविशोर मरांडी, राजेंद्र हेंब्रम, सुनील मुर्मू, राजेश चौधरी, नकुल टुडू व परिवार वाले उपस्थित थे. बताते चलें कि मंगलवार को कॉलेज की खेलकूद प्रतियोगिता थी. इस दौरान दौड़ में शामिल बीटेक द्वितीय वर्ष सिविल ब्रांच का छात्र विक्रम टुडू सांस फूलने से गिर गया. सदर अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था. विक्रम अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था. उसकी दो बहनें हैं.
तीन चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम, बिसरा सुरक्षित
बुधवार की सुबह तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया. टीम में डॉ चंदन कुमार रवि, डॉ दीपक कुमार सिन्हा और डॉ बरियल मार्डी शामिल थे. डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया. उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जायेगा, ताकि मौत का सही कारण का पता चल सके.
प्रतियोगिता स्थल पर मेडिकल टीम व एंबुलेंस नहीं थी : पिता
विक्रम के पिता नकुल टुडू का कहना था कि उनके बेटे की मौत कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से हुई है. प्रबंधन ने खेलकूद प्रतियोगिता में मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की थी. एक साथ 58 छात्रों को पहाड़ी व पथरीली सड़क पर दौड़ाया गया. पिता ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे फोन कर झूठ बोला. बताया कि विक्रम टुडू की तबीयत बिगड़ गयी है. सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती है. हम धनबाद से चाईबासा सदर अस्पताल रात्रि करीब 8.30 बजे पहुंचे, तो बेटे को मृत पाया. बेटे की मौत दिन में दौड़ स्थल पर हो गयी थी. उसे मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया. छात्र के मामा बाबूजन सोरेन ने बताया कि दौड़ से पूर्व छात्रों की मेडिकल जांच नहीं की गयी.जिला प्रशासन उच्चस्तरीय जांच कराये : एनएसयूआइ
इधर, कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष अनीष गोप सहित कांग्रेसियों ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही है. बिना शारीरिक जांच किये दौड़ स्पर्धा में प्रतिभागियों को अनुमति किस परिस्थिति में दी गयी. वहां चिकित्सक व एंबुलेंस नहीं थे. आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था नहीं थी. उन्होंने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच दल गठित कर जांच कराने की मांग की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

