Dhanbad News: दामोदर नदी किनारे ओबी डंपिंग व अतिक्रमण की होगी जांच

Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 04 Jun 2026 1:14 AM

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Dhanbad News: विधानसभा समिति सख्त, विस्तृत रिपोर्ट तलब, जिला प्रशासन, बीसीसीएल सहित डीवीसी, हर्ल के साथ बैठक कर दिये कई निर्देश.

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धनबाद, झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) ने धनबाद दौरे के अंतिम दिन बुधवार को दामोदर नदी के अतिक्रमण व भूमि उपयोग से जुड़े मामलों पर कड़ा रूख अपनाया. सर्किट हाउस में सभापति सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीसीसीएल, डीवीसी, हर्ल, इसीएल, टाटा कोलियरी सहित विभिन्न उपक्रमों व विभागों के कार्यों की समीक्षा की गयी. समिति ने दामोदर नदी के किनारे हुए अतिक्रमण, नदी की चौड़ाई में आयी कमी व ओवर बर्डन (ओबी) डंपिंग से पर्यावरण को हुए नुकसान पर चिंता जतायी. संबंधित विभागीय अधिकारियों से इससे संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तलब की गयी. समिति ने जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागीय अधिकारियों, कंपनियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए.

नदी किनारे भूमि अतिक्रमण का मांगा पूरा ब्योरा

समिति ने बीसीसीएल एरिया-11 में दामोदर नदी के तट पर मंगलवार को किये गये निरीक्षण का हवाला देते हुए बताया कि बड़े पैमाने पर ओबी डंपिंग कर नदी क्षेत्र का अतिक्रमण किया गया है. कई स्थानों पर गार्ड वॉल क्षतिग्रस्त मिली और बड़े-बड़े बोल्डर नदी में समा गये हैं. समिति ने रैयती, सरकारी और वन भूमि पर हुए अतिक्रमण, संबंधित प्लॉट संख्या, रकवा तथा नदी की वास्तविक चौड़ाई का विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

हर्ल की जमीन रजिस्ट्री व स्टैम्प ड्यूटी की होगी जांच

बैठक में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) की भूमि रजिस्ट्री की जांच कराने का भी निर्णय लिया गया. समिति ने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होगा कि भूमि हस्तांतरण के दौरान राज्य सरकार को स्टैम्प ड्यूटी के रूप में किसी प्रकार का राजस्व नुकसान हुआ है या नहीं. यदि राजस्व क्षति पाई जाती है तो संबंधित कंपनी से अतिरिक्त स्टैम्प शुल्क की वसूली की जाएगी.

भूमि अधिग्रहण और मुआवजा मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश

समिति ने डीवीसी को मैथन और पंचेत परियोजनाओं, जबकि टाटा कोलियरी और इसीएल को सरकारी, वन एवं रैयती भूमि अधिग्रहण का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही संबंधित अंचल अधिकारियों को रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों, पारिवारिक सूची तथा सक्सेशन म्यूटेशन से जुड़े आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. समीक्षा के बाद सभापति ने कहा कि कई उपक्रमों द्वारा बिना अनुमति सरकारी भूमि का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आयी है, जिससे राज्य सरकार को राजस्व की क्षति हुई है. ऐसे मामलों में नियमानुसार राजस्व वसूली की जाएगी. अपर समाहर्ता विनोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आश्वस्त किया कि समिति द्वारा चिन्हित मामलों पर त्वरित कार्रवाई कर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. मौके पर समिति सदस्य निरसा विधायक अरूप चटर्जी, धनबाद विधायक राज सिन्हा, चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, डीएलएओ राम नारायण खालको आदि मौजूद थे.

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