नीरज हत्याकांड: शूटरों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस टीम, मिले अहम सुराग

Updated at : 24 Mar 2017 8:20 AM (IST)
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नीरज हत्याकांड: शूटरों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस टीम, मिले अहम सुराग

धनबाद: एडीजी सीआइडी अजय कुमार सिंह ने कहा है कि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या की जांच में अहम सुराग हाथ लगे हैं. कार्रवाई की जा रही है. पुलिस मामले में आगे बढ़ने की कोशिश में है. एडीजी ने गुरुवार को बताया कि हत्याकांड की प्राथमिकी समेत अन्य बिंदुओं को […]

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धनबाद: एडीजी सीआइडी अजय कुमार सिंह ने कहा है कि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या की जांच में अहम सुराग हाथ लगे हैं. कार्रवाई की जा रही है. पुलिस मामले में आगे बढ़ने की कोशिश में है. एडीजी ने गुरुवार को बताया कि हत्याकांड की प्राथमिकी समेत अन्य बिंदुओं को केंद्रित कर जांच हो रही है. जांच में जो तथ्य मिल रहे हैं उसका सत्यापन किया जा रहा है. जांच में झरिया विधायक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों से पूछताछ की जायेगी. पुलिस सभी लोगों का पक्ष लेगी और सवाल का जवाब हासिल करेगी. तीन दिनों की जांच में कार्रवाई आगे बढ़ रही है. जांच प्रभावित होने की संभावना के मद्देनजर अन्य तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है. जांच में पुलिस शूटरों की पहचान के साथ गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई की जा रही है.
शूटरों की गिरफ्तारी के बाद हत्या के कारण व हत्याकांड के षडयंत्रकारियों का पता चल जायेगा. राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यक्तिगत दुश्मनी व वर्चस्व के साथ एफआइआर में लगे आरोप मुख्य रूप से जांच के बिंदु हैं.
एडीजी ने कहा कि जिला पुलिस के साथ सीआइडी टीम समन्वय बनाकर काम कर रही है. सीआइडी के अफसरों को हत्याकांड की जांच में लगाया गया है. एसपी स्तर के अफसर के साथ कई इंस्पेक्टर व दारोगा जांच में लगे हैं. घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह आदित्य के बयान का सत्यापन पुलिस कर रही है. साइंटिफिक व टेक्निकल अनुसंधान के जरिये साक्ष्य एकत्र किये जा रहे हैं.
नीरज हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं : संजीव
धनबाद. झरिया से भाजपा विधायक संजीव सिंह ने पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में अपने या अपने परिवार का हाथ होने से साफ इनकार किया है. उन्होंने सरकार से मामले की जांच किसी भी एजेंसी से कराने की मांग की. कहा कि वह सहयोग करने को तैयार हैं. उन्हें सीबीआइ जांच से भी परहेज नहीं है. नीरज समेत चार लोगों की हत्या में अपना नाम आने व प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद श्री सिंह गुरुवार को मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी. सिंह मैंशन में पत्रकार वार्ता में झरिया विधायक ने कहा कि उन्हें अखबार से ही पता चला कि नीरज सिंह हत्याकांड में उन्हें तथा उनके छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष, राजनीतिक सलाहकार गया सिंह, कानूनी सलाहकार महंत पांडेय तथा उनके बड़े भाई स्व. राजीव रंजन सिंह के मित्र जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. जहां हत्या हुई, वह भीड़-भाड़ वाला इलाका है. उन्हें या उनके भाई को सभी पहचानते हैं. पुलिस मामले की तहकीकात कर ले, सब पता चल जायेगा. कहा कि घटना के समय वह अपने घर पर ही थे. मीडिया से ही हत्या की सूचना मिली थी.
प्रशासन जब बुलायेगा, हाजिर होंगे
विधायक ने कहा कि मामले में पुलिस प्रशासन जब भी पूछताछ के लिए बुलायेगा, वह हाजिर हो जायेंगे. उनके अनुज व अन्य आरोपी भी जांच टीम के सामने कभी भी पेश होने को तैयार हैं. वे लोग धनबाद में ही रहेंगे. पूर्व मंत्री बच्चा सिंह द्वारा नीरज हत्याकांड में उनका हाथ होने संबंधी लगाये गये आराेपों पर विधायक ने कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया. कहा कि पुलिस प्रशासन को जांच करने दीजिए.
मेरी मन:स्थिति ठीक नहीं
संजीव सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में हुई घटनाओं से उनकी मन:स्थिति ठीक नहीं है. उन्हें नहीं मालूम किसने हत्या करवायी. दो माह में कुंती निवास से रघुकुल के बीच दो हत्याएं, क्या मैंशन को चुनौती नहीं, संबंधी सवाल के जवाब में श्री सिंह ने कहा कि वह इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहेंगे. क्या यह यूपी के गैंगवार का परिणाम है, का जवाब देने से भी उन्होंने मना कर दिया.
परिवार के विनाश की कीमत पर नहीं चाहिए हस्तिनापुर
धनबाद. अपने ही चचेरे भाई की हत्या के आरोप झेल रहे झरिया के विधायक संजीव सिंह के समर्थन में उनकी बड़ी बहन किरण सिंह गुरुवार को सामने आयी. सोशल साइट पर एक पोस्ट किया है. लिखा है कि इनके साये (पिता सूर्यदेव सिंह) में पले बढ़े हैं हम. जिन्होंने पारिवारिक मूल्यों और आदर्शों की खातिर अपने जीवन से समझौता कर लिया… मेरे पापा ने 14 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया था….अपने पारिवारिक जिम्मेवारियों का बोझ अपने मासूम कंधों पर उतनी छोटी उम्र में ही उठा लिया.., जिनके लिए उनका परिवार सब कुछ था….मेरी मां जब शादी कर आयी तो उसने एक साड़ी धो धो कर पहनना गुजारा किया.. मेरी मां कुंती जिसने पति और पुत्र खोने का दर्द अपने सीने में दफन कर दिया… हमारी खातिर उसने अपने जवान बेटे राजीव के गम को …वो रोती तो हमसे छुप कर.. ऐसे माता और पिता की परवरिश मिली है जिन्होंने अपने परिवार की खातिर अपने बच्चों की भी नहीं सुनी …जिन्होंने परिवार को सर्वोपरि है समझाया…हम पांचों/ अब चारों भाई बहनों ने भगवान तो नहीं देखा पर सूर्यदेव-कुंती जैसे माता पिता से यही जाना कि शायद भगवान ऐसे ही होते होंगे…ऐसे मां-बाप की परवरिश इतनी गंदी नहीं हो सकती…कि परिवार के विनाश की कीमत पर हस्तिनापुर मांगे…
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