पटना के बाद अब मुंगेर में दिखेगा गंगा पथ का जलवा, 42KM लंबे मरीन ड्राइव का हवाई सर्वे पूरा

Updated at : 12 Apr 2026 11:41 AM (IST)
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मुंगेर में 42 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव (गंगा पथ) के लिए हवाई सर्वेक्षण

Bihar News: मुंगेर में बन रहा 42 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव (गंगा पथ) के लिए हवाई सर्वेक्षण पूरा हो गया है. पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन की सक्रियता से यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरने वाली है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

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Bihar News: पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने हेलीकॉप्टर से मरीन ड्राइव के पूरे एलाइनमेंट का निरीक्षण किया.

इस दौरान अन्य महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट का भी जायजा लिया गया, जिससे पूरे इलाके की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर योजना तैयार की जा रही है.

हवाई सर्वे से तय हुआ मुंगेर के विकास का नया रूट

मुंगेर में मरीन ड्राइव के निर्माण को लेकर सुगबुगाहट अब धरातल पर दिखने लगी है. शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने हेलीकॉप्टर के जरिए पूरे 42 किलोमीटर लंबे एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण किया.

सफियाबाद से लेकर सुल्तानगंज तक फैले इस रूट की एक-एक बारीकी को अधिकारियों ने हवाई सर्वे से परखा. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करना और एलाइनमेंट को अंतिम रूप देना था.

5327 करोड़ का बजट

मुंगेर से सुल्तानगंज के बीच बनने वाला यह गंगा पथ आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना होगा. कुल 42 किलोमीटर की इस दूरी में लगभग 12 किलोमीटर का हिस्सा ‘एलिवेटेड’ होगा, जबकि करीब 30 किलोमीटर की सड़क जमीन पर बनाई जाएगी.

5327 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस मरीन ड्राइव को पूरा करने के लिए एजेंसी को 4 साल का लक्ष्य दिया गया है. इसके दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर के सबौर तक 40 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार भी किया जाएगा, जिससे मुंगेर और भागलपुर के बीच की दूरी और सफर का समय काफी कम हो जाएगा.

पर्यटन और रोजगार का बनेगा नया हब

मरीन ड्राइव के किनारे फूड स्टॉल, चाय-नाश्ते की दुकानें और बड़े व्यावसायिक केंद्र विकसित होंगे, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही, मुंगेर के ऐतिहासिक घाटों और मंदिरों का कायाकल्प होने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

सुबह-शाम गंगा की शीतल लहरों के बीच टहलने के लिए लोगों को एक सुरक्षित और सुंदर स्थल मिलेगा, जो मुंगेर को एक नई पहचान देगा. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बेहतर होने से छोटे व्यापारियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे.

कनेक्टिविटी के साथ बढ़ेगी मुंगेर की धमक

हवाई सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल मरीन ड्राइव ही नहीं, बल्कि मुंगेर-मिर्जाचौकी, मुंगेर-मोकामा और रक्सौल-हल्दिया फोरलेन के एलाइनमेंट का भी जायजा लिया. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में मुंगेर बिहार के प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा.

जिलाधिकारी के अनुसार, एलाइनमेंट की रिपोर्ट जल्द ही विभाग को सौंपी जाएगी और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा. मुंगेर के लिए यह मरीन ड्राइव सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि पलायन रोकने और समृद्धि लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने वाला है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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