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धनबाद : नीरज सिंह हत्याकांड में निखिलेश सिंह की गवाही पूरी, बचाव पक्ष ने दागे तीखे सवाल

Updated at : 31 Jan 2019 7:07 AM (IST)
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धनबाद : नीरज सिंह हत्याकांड में निखिलेश सिंह की गवाही पूरी, बचाव पक्ष ने दागे तीखे सवाल

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में सुनवाई हुई. पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, धनजी, संजय सिंह, डबलू मिश्रा, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह व […]

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धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में सुनवाई हुई. पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, धनजी, संजय सिंह, डबलू मिश्रा, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह व विनोद सिंह की पेशी करायी.

वहीं दूसरे जेल में बंद आरोपी अमन सिंह, सागर उर्फ शिबू, रोहित सिंह, सतीश की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी करायी गयी. अदालत से प्राप्त निखिलेश के बयान की सच्ची प्रतिलिपि के अनुसार निखिलेश सिंह ने संजीव सिंह के अधिवक्ता बी एम त्रिपाठी द्वारा पूछे गये सवालों का जबाब देते हुए कहा कि स्व नीरज सिंह जनता मजदूर संघ (बच्चा सिंह गुट) के संयुक्त महामंत्री थे.

मेरे पास दो मोबाइल नंबर 7050325555 और 7903781696 है. 7903781696 से मैं नीरज सिंह से बात करता था. वह मोबाइल घटना के दिन मेरे पास नहीं था. नीरज सिंह के जाने की सूचना किसने दी, मुझे याद नहीं है. झरिया कार्यालय का स्टाफ रवि है. उसका मोबाइल नंबर मुझे पता नहीं है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि झरिया से धनबाद आने के दौरान स्टील गेट के पास गाड़ी रोका था.

उसकी बायीं ओर कुंती निवास का गेट है. मैं घटना के 15-20 मिनट बाद सेंट्रल अस्पताल पहुंचा था. वहां नीरज सिंह के परिजन व पुलिस अधिकारी थे. 21 तारीख की रात नीरज की मृत्यु के बाद उनके शव का पंचनामा पुलिस बनाया कि नहीं, मैंने नही देखा था. घटना के बाद 24 दिनों तक धनबाद में था. मैंने 15 अप्रैल 17 को रघुकुल में पुलिस को बयान दिया था कि वहां यूनियन के काम से गया था.

मैं जिस गाड़ी संख्या 10 ए वाई 3792 से रघुकुल गया था वह प्रवीण कुमार नोनिया से लिया हुआ है. वह आज भी उसके नाम से पंजीकृत है और ट्रांसफर नहीं हुआ है. झरिया ऑफिस कतरास मोड़ में है, वहां से धनबाद की दूरी 8-9 किमी है.

डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह अपने भाई और समर्थकों के साथ पूर्वाह्न 11 .29 बजे कोर्ट कैंपस पहुंचे. सीधे कोर्ट रूम गये.
विधायक संजीव सिंह छह अन्य आरोपियों के साथ जेल से 11 .35 बजे कोर्ट कैंपस लाये गये, सीधे कोर्ट रूम ले जाये गये.
विधायक संजीव सिंह ने कैंपस प्रवेश करते ही हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का अभिवादन किया. विधायक के भाई मनीष सिंह भी थे मौजूद.
विधायक एवं अन्य आरोपी और डिप्टी मेयर की भी कोर्ट रूम पहुंचने से पहले हुयी सघन चेकिंग.
अधिवक्ताओं को भी कड़ी चेकिंग के बाद ही मिल रहा था प्रवेश.
एकलव्य सिंह जैसे ही रूम से बाहर निकलकर सीढ़ियों से उतरे, एक दिव्यांग भिखारी पैरों से लिपट गया. डिप्टी मेयर थोड़ी देर के लिए ठिठके और अपने समर्थकों से उसे पैसा देने को कहा. एक समर्थन ने चालीस रुपये निकल कर दिये.
एक बजे कोर्ट की कार्रवाई समाप्त हो गयी. पहले डिप्टी मेयर बाहर निकले. उसके बाद विधायक संजीव सिंह अन्य आरोपियों के साथ जेल ले जाये गये.
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