‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देने सड़क पर उतरे डीसी, एसएसपी और सामाजिक कार्यकर्ता
Author Prabhat khabar digital desk
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धनबाद : बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देने बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षाविद, सामाजिक संगठन और स्टूडेंट्स सड़क पर उतरे. बेटी को बचाना और बेटी को पढ़ाना है, बेटी को मारोगे तो बहू कहां से लाओगे आदि नारे लगाये गये. कन्या भ्रूण हत्या, गैर कानूनी लिंग परीक्षण एवं स्त्रियों की सामाजिक एवं शैक्षणिक […]
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धनबाद : बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देने बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षाविद, सामाजिक संगठन और स्टूडेंट्स सड़क पर उतरे. बेटी को बचाना और बेटी को पढ़ाना है, बेटी को मारोगे तो बहू कहां से लाओगे आदि नारे लगाये गये.
कन्या भ्रूण हत्या, गैर कानूनी लिंग परीक्षण एवं स्त्रियों की सामाजिक एवं शैक्षणिक असमानता के खिलाफ आयोजित जागरूकता रैली धनबाद क्लब से निकाली गयी जो लुबी सर्कुलर रोड होते हुए गांधी सेवा सदन पहुंची. इसका आयोजन धनबाद सोसाइटी ऑफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनोकोलॉजिस्ट (डीएसओजी) और ऐश्वर्या चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से किया गया.
ये थे शामिल : रैली में डीसी ए दोड्डे, एसएसपी कौशल किशोर, सिंफर निदेशक पीके सिंह, एसएसपी की पत्नी डॉ आस्था रमन, आइएमए अध्यक्ष डॉ एके सिंह, डॉ एसके सिंह, डॉ बीके सिंह, डॉ कविता प्रिया, डॉ नीतू सहाय, डॉ गायत्री सिंह, डॉ संगीता करण, डॉ नूपुर चंदन, डॉ रीना वर्णवाल, डॉ मिहिर चंदन, डॉ बीके वर्णवाल, डॉ निकिता सिन्हा, डॉ एसके गुप्ता, जिप सदस्य प्रियंका पाल, बिल्डर रमा सिन्हा, मिसेज एशिया इंटरनेशनल अश्विनी लाला, मिसेज इंडिया फोटोजेनिक निधि जयसवाल, ओनेक्स लेजर के देवेन तिवारी, प्रेस क्लब, धनबाद क्लब, रोटरी क्लब, इनर व्हील क्लब की महिला सदस्य, समाधान के सदस्य, कॉर्मल स्कूल, एसएसएलएनटी कॉलेज, बीएससएस कॉलेज की छात्राएं शामिल हुईं.
बदलेगी मानसिकता : डीसी
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय आयोजन है. इससे लोगों की मानसिकता में परिवर्तन आयेगा. लोगों को घर-घर तक बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देना चाहिए.
बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं : एसएसपी
एसएसपी कौशल किशोर ने कहा कि यह जागरूकता रैली एक सराहनीय कदम है. किसी भी क्षेत्र में बेटियां बेटों से कम नहीं है. बेटी को लेकर जो भी भ्रांतियां रही है उसे बदलने की जरूरत है. लिंग परीक्षण के सवाल पर कहा कि कानून के बाहर जाने की इजाजत किसी को नहीं है.
लोग बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रति जागरूक हों, इस रैली का उद्देश्य यही है. डॉ आस्था रमन ने कहा कि समाज में आज भी ओछी मानसिकता के लोग हैं जो बेटियों को गर्भ में ही मार देना चाहते हैं. यह रैली उसी सोच के खिलाफ है. निश्चित ही ऐसे कार्यक्रमों से सार्थकता मिलेगी.
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