डेढ़ साल में निगम में एक भी बिल्डर का नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jun 2018 6:37 AM

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धनबाद : नगर निगम में पिछले डेढ़ साल से एक भी बिल्डर का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. प्रावधान है कि निगम में रजिस्ट्रेशन के बाद ही नये प्रोजेक्ट के लिए बिल्डर आवेदन कर सकते हैं. बावजूद इसके शहर में दर्जनों नये अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं. ऐसी बात नहीं कि निगम के आला […]

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धनबाद : नगर निगम में पिछले डेढ़ साल से एक भी बिल्डर का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. प्रावधान है कि निगम में रजिस्ट्रेशन के बाद ही नये प्रोजेक्ट के लिए बिल्डर आवेदन कर सकते हैं. बावजूद इसके शहर में दर्जनों नये अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं. ऐसी बात नहीं कि निगम के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है. सांठगांठ से खुलेआम शहर में नये प्रोजेक्ट का काम चल रहा है. 27 जनवरी 2017 को नगर निगम में ऑन लाइन व्यवस्था शुरू हुई.
इन अठारह महीने में 122 आवासीय नक्शा पास हुए. कुछ नक्शा ऑन लाइन प्रक्रिया में हैं.रजिस्ट्रेशन में पेच, बिल्डिंग बॉयलॉज में फंस रहे बिल्डर : नगर निगम में चार बिल्डरों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया है. डीसी का चरित्र प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, नये बिल्डर के लिए तीन साल का बैलेंस शीट, 50 लाख का टर्न ओवर, लेबर लाइसेंस सहित 15 बिंदुओं पर कागजात मांगे जा रहे हैं. डीसी द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, लेबर लाइसेंस व 50 लाख का टर्न ओवर को लेकर मामला फंस रहा है. किसी का आवासीय प्रमाण पत्र को लेकर तो किसी का ऑन लाइन प्रोपर फीडबैक मामला फंसा है. लिहाजा एक भी बिल्डर का आज तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ.
रेरा से प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य : निगम में बिल्डर का रजिस्ट्रेशन व रेरा में प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन के बाद ही प्रोजेक्ट का शुभारंभ होना चाहिए. बिल्डर सूत्रों के मुताबिक धनबाद में लगभग ढाई सौ बिल्डर हैं. लेकिन आज तक किसी भी बिल्डर को रेरा से रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है. रेरा से रजिस्ट्रेशन के बाद ही बिल्डर प्रोजेक्ट के लिए ग्राहक से बुकिंग की राशि ले सकते हैं. यही नहीं रेरा से रजिस्ट्रेशन प्रोजेक्ट पर ही बैंक लोन का प्रावधान है. बावजूद शहर में कैसे नये अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं. यह जांच का विषय है.
दो साल के लिए होता है नक्शा पास : पिछले दो साल से अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का नक्शा पास नहीं हो रहा है. फिर शहर में दर्जनों अपार्टमेंट कैसे बन रहे हैं के सवाल पर एक बिल्डर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुछ बिल्डर पुराना नक्शा पास करा कर रखे थे. उसी नक्शे पर अपार्टमेंट बना रहे हैं. बॉयलॉज के मुताबिक नक्शा दो साल के लिए ही पास होता है. पिछले दो साल से नक्शा पास नहीं हुआ है. फिर कैसे नये प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है, समझ से परे है. यह पूरी तरह निगम की लापरवाही है.
अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त राजीव रंजन ने कहा कि बिना नक्शा पास कराये अपार्टमेंट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व आवास बनानेवाले संचालक पर कार्रवाई होगी. सभी अंचल से इसकी सूची मांगी जा रही है. कुछ सूची उपलब्ध हो चुकी है. जल्द ही कार्रवाई शुरू की जायेगी. बिल्डर रजिस्ट्रेशन के सवाल पर नगर आयुक्त ने कहा कि कागजात की कमी के कारण थोड़ी समस्या आ रही है. कागजात पूरे होने के बाद बिल्डर का स्वत: रजिस्ट्रेशन कर दिया जायेगा.
मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा निगम : रमा
बिल्डर रमा सिन्हा ने कहा कि नगर निगम मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है. डेढ़ साल पहले 75 हजार शुल्क जमा कर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया. निगम की ओर से कुछ कागजात की मांग की गयी. ससमय सभी कागजात उपलब्ध कराये गये. जब पेपर पूरा हो चुका है तो फिर क्यों नहीं रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है? रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण नये प्रोजेक्ट का पूरा काम बाधित है.
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