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बैंक नहीं ले रहे सिक्के, छोटे दुकानदारों की फंस रही पूंजी, भिखारी भी नहीं लेते एक का सिक्का

Updated at : 29 May 2018 9:32 AM (IST)
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बैंक नहीं ले रहे सिक्के, छोटे दुकानदारों की फंस रही पूंजी, भिखारी भी नहीं लेते एक का सिक्का

धनबाद : बैंक सिक्के नहीं ले रहे हैं जिससे छोटे दुकानदारों की पूंजी फंस रही है. नोटबंदी के समय लगभग आठ करोड़ रुपया मार्केट में आया था. बैंकों ने लगभग चार करोड़ का सिक्का वापस लिया. आज भी बाजार में लगभग चार करोड़ मूल्य के सिक्के हैं. कई संस्थान अपने कर्मियों को वेतन में सिक्के […]

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धनबाद : बैंक सिक्के नहीं ले रहे हैं जिससे छोटे दुकानदारों की पूंजी फंस रही है. नोटबंदी के समय लगभग आठ करोड़ रुपया मार्केट में आया था. बैंकों ने लगभग चार करोड़ का सिक्का वापस लिया. आज भी बाजार में लगभग चार करोड़ मूल्य के सिक्के हैं. कई संस्थान अपने कर्मियों को वेतन में सिक्के दे रहे हैं. अधिकतर बैंक आरबीआइ के निर्देश का पालन नहीं करते हैं जिस कारण चेंबर व कई संगठनों ने आरबीआइ को पत्र लिखा था. आइए जानते हैं कुछ खास रिपोर्ट…

केस स्टडी 1
बरवाअड्डा मंडी चेंबर के कारोबारी अजीत गुप्ता के पास लगभग पांच लाख का सिक्का फंसा हुआ है. उनका कहना है कि एसबीआइ की बरवाअड्डा शाखा में सिक्के नहीं लिये जाते हैं. बैंक ऑफ इंडिया झरिया शाखा कुछ सिक्का लेता है. जबकि प्रत्येक दिन दो से तीन हजार सिक्के दुकान में आते हैं. इससे धीरे-धीरे सिक्के काफी जमा हो गये.
केस स्टडी 2
कोलफील्ड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के महासचिव संजीव राणा कहते हैं कि कोयलांचल में लगभग एक सौ पेट्रोल पंप हैं. हर पंप पर लगभग 400 से 500 पीस सिक्के आ जाते हैं. इसके मूल्य लगभग 4,000 से 5,000 रुपये होते हैं. बैंक जबकि 1,000 रुपये मूल्य तक के सिक्के ही जमा लेते हैं. बाकी पैसा हर दिन ब्लॉक हो रहा है. इस दौरान कई बार तेल मंगाने में भी परेशानी होती है. प्राय: पेट्रोल पंपों के पास चार से पांच लाख का सिक्का फंसा हुआ है.
एसबीआइ के पास जमा हुए 2.51 करोड़ के सिक्के
नोटबंदी के दौरान छह से सात करोड़ के सिक्के बाजार में आये. एसबीआइ के पास 2.51 करोड़ के सिक्के वापस पहुंच गये हैं. बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद, केनरा बैंक आदि बैंकों में भी लगभग 1.5 करोड़ के सिक्के जमा हुए हैं. बाजार में आज भी लगभग चार करोड़ का सिक्का रोटेशन में है.
बंद नहीं हुआ है एक का छोटा सिक्का
छोटा सिक्का को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दुकानदार तो दुकानदार भिखारी भी एक का छोटा सिक्का नहीं लेते हैं. जबकि एक रुपये का छोटा सिक्का चलन में है. बैंक सूत्रों के मुताबिक आरबीआइ की ओर से एक का छोटा सिक्का बंद करने संबंधी कोई निर्देश है. आज भी एक का सिक्का लीगल है. छोटे सिक्के से लेन-देन किया जा सकता है.
आरबीआइ के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जा रहा है. प्रत्येक शाखा में सिक्का लेने के लिए अलग से काउंटर खोला गया है. एक दिन में एक हजार रुपये तक का सिक्का लेने का प्रावधान है. जिस शाखा में सिक्का नहीं लिया जाता है, उसकी शिकायत करें. निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.
जेपी ठाकुर, सहायक महाप्रबंधक, एसबीआइ
आरबीआइ के निर्देश का सभी बैंकों को पालन करना है. एक दिन में एक व्यक्ति से एक हजार मूल्य का सिक्का लेना है. सभी बैंकों ने इसके लिए अलग से काउंटर खोल रखे हैं. जिस ब्रांच में आरबीआइ के निर्देश का पालन नहीं होता है, उन पर सीधे कार्रवाई हो सकती है.
अमित कुमार, एलडीएम
व्यापारियों का लाखों रुपये का सिक्का घर में डंप हो गया है. कुछ छोटे कारोबारियों की पूंजी तक फंस गयी है. दुकानदारों के साथ बैंक सहयोग करें. सप्ताह में एक-एक दिन बैंक शिविर लगाकर कारोबारियों से सिक्का लें. इससे सिक्के की समस्या खत्म हो जायेगी. आरबीआइ को भी पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है.
राजेश गुप्ता, अध्यक्ष जिला चेंबर
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