नोटबंदी ने िकया परिवारों का पेट खोखला : केएन गोविंदाचार्य

Updated:
विज्ञापन

गोविंदपुर : राष्ट्रीय चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी का परिणाम दो साल बाद दिखेगा. अभी तक सरकार को भी पता नहीं है कि कितना कालाधन कितना सफेद धन है. कहा कि इसका सामाजिक परिणाम यह हुआ कि नोटबंदी ने परिवारों का पेट खोखला कर दिया. व्यापारियों को काफी असुविधा […]

विज्ञापन

गोविंदपुर : राष्ट्रीय चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी का परिणाम दो साल बाद दिखेगा. अभी तक सरकार को भी पता नहीं है कि कितना कालाधन कितना सफेद धन है. कहा कि इसका सामाजिक परिणाम यह हुआ कि नोटबंदी ने परिवारों का पेट खोखला कर दिया. व्यापारियों को काफी असुविधा हुई.

नोटबंदी का पहला छह माह उद्योगपतियों व व्यापारियों के लिए बुरा रहा. कई कारणों से उद्योगों की जीडीपी दर कम हुई. इसका कारण नोटबंदी भी रही. दूसरे शब्दों में नोटबंदी कमजोर मरीजों को ओवरडोज देने के सामान रही. गोविंदाचार्य रविवार को मधुबन होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जीएसटी में अभी सफलता नहीं मिली है. पहले से गहराई से विचार नहीं करने पर बार-बार नियम बदलना पड़ रहा है. भाजपा के बारे में कहा कि उनके काम में उनका कोई सरोकार नहीं रहा. उनके काम में मेरा भी कोई सरोकार नहीं. आज संजय जोशी भाजपा में काम करना चाहते हैं. भाजपा नेता उन्हें नहीं चाहते हैं. कहा कि विदेशो में भारत की इज्जत बढ़ी है.

तो इस कारण सोनिया नहीं बनीं प्रधानमंत्री
कहा कि भारत स्वाभिमान आंदोलन का ही परिणाम है कि 2004 में सोनिया गांधी भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन पायीं. यदि यह संगठन नहीं होता तो सोनिया प्रधानमंत्री बन जातीं. उन्होंने कहा कि आंदोलन में यह कांग्रेस के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि क्या इतने बड़े दल में कोई नेता नहीं है जो प्रधानमंत्री बन सके. विवश होकर कांग्रेस ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया.
उन्होंने कहा कि उन्हाेंने वर्ष 2000 के नौ सितंबर को पार्टी से अध्ययन अवकाश लिया था. अब जाने का इरादा भी नहीं है. कहा कि विदेशी पूंजीनिवेश से भारत के आर्थिक सेहत पर प्रभाव नहीं पड़ता है. कहा कि सभी दलों का संगठनात्मक चुनाव आयोग की देखरेख में होना चाहिए. व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है. हमें देशहित की चिंता करना चाहिए.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola