धनबाद : आमदनी अठन्नी और खर्चा रूपैया
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद : ‘आमदनी अठन्नी और खरचा रूपैया’ वाली कहावत निगम में चरितार्थ हो रही है. निगम ने 29 बसों की मरम्मत पर 14.5 लाख खर्च किये गये और आमदनी हुई मात्र साढ़े चार लाख. यही नहीं एक के बाद एक सिटी बसें ब्रेक डाउन होती चली गयी. अभी मुश्किल से नौ बसों का परिचालन हो […]
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धनबाद : ‘आमदनी अठन्नी और खरचा रूपैया’ वाली कहावत निगम में चरितार्थ हो रही है. निगम ने 29 बसों की मरम्मत पर 14.5 लाख खर्च किये गये और आमदनी हुई मात्र साढ़े चार लाख. यही नहीं एक के बाद एक सिटी बसें ब्रेक डाउन होती चली गयी. अभी मुश्किल से नौ बसों का परिचालन हो रहा है. ऐसी बात नहीं कि निगम के अाला अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है.
निगम अधिकारी व ट्रांसपोर्टरों की सांठगांठ से सरकार को चूना लगाया जा रहा है. जून 2016 में तामझाम के साथ 29 बसों को उतारा गया. डेढ़ साल में ही बसों की स्थिति खराब हो गयी. किसी का टायर नहीं तो किसी में बैटरी नहीं है. किसी-किसी बस का इंजन ही खराब हो गया. यही स्थिति रही तो जो नौ बसें चल रही हैं, उसका भी परिचालन ठप हो जायेगा.
ट्रांसपोर्टरों को भाड़े पर दी गयी थी बसें :
छह ट्रांसपोर्टरों को सिटी बस भाड़े पर दी गयी थी. तीन सौ या चार सौ रुपये प्रति दिन की दर से भाड़ा तय था. बसों की मरम्मत में जितनी राशि खर्च की गयी, उसका 30 फीसदी भी राशि निगम को नहीं मिली. डेढ़ साल में निगम को मात्र 4.50 लाख की आमदनी हुई.
क्या था प्रावधान :
रूट के आधार पर भाड़ा निर्धारित थे. किसी रूट के लिए तीन सौ तो किसी के लिए चार सौ रुपया प्रति दिन का किराया तय था. जिस दिन गाड़ी खड़ी रहती थी, उस दिन का किराया नहीं लिया जाता था. ट्रांसपोर्टरों ने इसका भरपूर लाभ उठाया. निगम अधिकारी व ट्रांसपोर्टरों की सांठगांठ से गाड़ी की खराबी बताकर खूब लूट खसोट की गयी.
नगर निगम को लगाया गया चूना
बसों के परिचालन में खूब खेल हुआ. सांठगांठ से निगम को चूना लगाया गया. बसों को ब्रेक डाउन बता कर ट्रांसपोर्टरों अपने मन मुताबिक रूटों पर वाहनों का परिचालन करवा मोटी कमाई की. ऐसी बात नहीं कि निगम के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है. दोनों की सांठगांठ से निगम के राजस्व का खूब चूना लगाया गया.
नये सिरे से निकाला जायेगा टेंडर
नयी सिरे से बसों का टेंडर निकाला जा रहा है. बसों की मरम्मत, मेंटेनेंस का जिम्मा ट्रांसपोर्टरों का होगा. इसके आधार पर प्रतिदिन का बस का भाड़ा निर्धारित किया जायेगा. नयी बस मंगाने की दिशा में भी पहल की जा रही है.
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