मधुपुर . प्रखंड के बुढ़ैई नवान्न मेला सह वार्षिक पूजा में गुरुवार को आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा. पहाड़ की गुफा पर स्थित मां बुढ़ैश्वरी व पहाड़ की चोटी पर स्थित मां तिलेश्वरी की पूजा के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों समेत बिहार के जमुई व आसपास के दूसरे जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्दालु पहुंचे थे. नवान्न को लेकर पुरोहितों ने विधिवत वार्षिक पूजा करायी. इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में बकरों की बलि दी गयी, साथ ही नये अन्न के रूप में उपजे धान का चूड़ा व दही को प्रसाद के रूप में चढ़ाकर वितरित किया गया.
इस दौरान आसपास के दर्जनों गांव के सैकड़ों बालकों का बुढ़ैश्वरी मंदिर के बाहर मुंडन संस्कार कराया गया. दूसरे पहाड़ पर माता तिलेश्वर की पूजा अर्चना के बाद संध्या को काडा, भेंड़ा पाठा की बलि दी गयी. तीन दिनों का नवान्न गली मेला शुक्रवार को भी पहाड़ में ही लगेगा. बताया जाता है कि बुढ़ैई में जगह की कमी के कारण उक्त मेला का आयोजन पहाड़ पर ही किया गया है.मेले में जमकर बिके लोहा-पत्थर व लकड़ी के सामान
नवान्न मेला इलाके में इसलिए प्रसिद्द है क्योंकि तीन दिनों तक इसमें घरेलू प्रयोग में आने वाले लौहा, पत्थर व लकड़ी से बने पारंपरिक सामान की जमकर खरीद बिक्री होती है. मेले के दौरान घरेलू सामान का कारोबार लाखों में होता है. जिले व आसपास के लोग मेले से घरेलू उपयोग में आने वाले सामान की खूब खरीदारी करते हैं. लोगों ने कांसा, स्टील, लोहे तलवार, भाला, कढ़ाही, गड़ासा, छुरा, ढीबरी, तावा, चिमटा, हंसुआ, कुदाली, गैयंता के अलावा लकडी से बने कुर्सी, पलंग, चौखट, किवाड़, खटिया, चौकी आदि सामान की जमकर खरीदारी की. वहीं पत्थर के सिलबट्टा समेत कई तरह के घरेलू सामान की खरीद बिक्री की. यहां लोग शादी विवाह संबंधी सामान को खरीदते देखे गये.पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए करना पड़ा मशक्कत
मेले में फास्ट फूड की दुकानों में काफी भीड़ रही. नमकीन व मिठाई की भी खूब बिक्री हुई. मेले में तारामाची, झूला का आनंद लेने में लोग मशगूल रहे. नवान्न मेला को लेकर भिरखीबाद मोड़ से देवघर जाने वाला मुख्य पथ बुढ़ैई व देवीपुर के बीच काफी देर जाम रहा. सैकड़ों वाहनों का तांता लगा रहा. पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा. मेला से तीन किमी पहले ही वाहनों को रोक दिया गया था. पुलिस के जवान सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था को जगह- जगह नियंत्रित करते रहे. मंदिर से रोड तक भी पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई. मेला को लेकर अनुमडल पदाधिकारी राजीव कुमार, एसडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद, मधुपुर सीओ यामुन रविदास, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डा. हरेरामजी दिनकर, मधुपुर थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज एसके गुप्ता, बुढ़ैई थाना प्रभारी रूपेश कुमार, देवीपुर थाना प्रभारी संदीव कृष्ण के अलावा कई थानों के पुलिस पदाधिकारी मुस्तैद दिखे. वहीं बुढ़ैई राज परिवार के ठाकुर रणवीर प्रसाद सिंह, नवीन सिंह, पंचानंद सिंह, गोविंद सिंह, धीरज सिंह, नीरज सिंह, पुरोहित रामचंद्र पांडेय के अलावा मिथलेश यादव, सहदेव यादव, गुलमहाजन, दीपक यादव, सुमन यादव, मंटू यादव आदि भी मेला को सफल बनाने में लगे हुए थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

