प्रसव के बाद महिला की मौत पर सीएचसी में हंगामा, दो एएनएम को प्रसव कक्ष से हटाया गया
Published by : NIRANJAN KUMAR Updated At : 04 Jun 2026 7:42 PM
सारवां सीएचसी में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत होने पर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
सारवां. सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत हो जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को सीएचसी परिसर में पहुंचकर विरोध जताया. सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रसव कक्ष में तैनात कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. मिली जानकारी के अनुसार मृतका साजिदा खातून (26 वर्ष ) का मायका सारवां थाना क्षेत्र के ऊपरबहियारी गांव में था, जबकि उनकी शादी मोहनपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में हुई थी.
बुधवार को प्रसव के लिए परिजन उन्हें सारवां सीएचसी लेकर पहुंचे थे. यहां उनका सामान्य प्रसव कराया गया, लेकिन प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा. स्थिति गंभीर होने पर उन्हें देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. परिजनों के अनुसार सदर अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए कुंडा स्थित एक निजी अस्पताल भेजा गया. वहां भी हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें एम्स, देवीपुर रेफर किया गया. इसके बाद इलाज के लिए धनबाद ले जाया गया, लेकिन वहां से भी जवाब मिलने के बाद उन्हें दुर्गापुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. परिजन अमानुल अंसारी ने बताया कि उनकी भाभी साजिदा खातून 26 को प्रसव के लिए बुधवार को सीएचसी लाया गया था, जहां उनका सामान्य प्रसव होने के बाद देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था.महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को आसपास के कई गांवों के ग्रामीण और परिजन बड़ी संख्या में सीएचसी पहुंच गये. उन्होंने प्रसव कक्ष में तैनात एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. सूचना मिलने पर सारवां थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया. ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए सीएचसी प्रभारी डॉ. बी.के. सिन्हा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रसव कक्ष में कार्यरत एएनएम रिंकू मंडल और रीमा दास को वहां से हटा दिया. रिंकू मंडल की ड्यूटी उप स्वास्थ्य केंद्र दुबजोरा और रीमा दास की ड्यूटी बनवरिया में अगले आदेश तक लगाने का निर्देश दिया. कार्रवाई के बाद ग्रामीण शांत हुए. हालांकि इस मामले में किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी. इधर ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और प्रसव कक्ष में अनुभवी और प्रशिक्षित एएनएम की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो.
क्या कहते है सीएचसी प्रभारी
वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ. बी.के. सिन्हा ने बताया कि महिला का सामान्य प्रसव हुआ था, लेकिन बाद में पीपीएच (पोस्ट पार्टम हेमरेज) होने के कारण उन्हें रेफर किया गया था.क्या कहती हैं महिला चिकित्सक
महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने बताया कि प्रसव के बाद रक्तस्राव एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें अत्यधिक रक्तस्राव होने से मरीज की मौत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले हजारों में एक-दो ही देखने को मिलते हैं और इसे सीधे चिकित्सीय कमी नहीं कहा जा सकता.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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