Deoghar news : चेक बाउंस के दाेषी को सुनायी दो वर्ष की सजा, राशि का भुगतान नहीं करने पर चार माह की साधारण कैद भी

न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने नामजद आरोपित दीपक पांडेय को चेक बाउंस का दोषी करार दिया और एक लाख 66 हजार 844 रुपये देने का भी दिया आदेश.
विधि संवाददाता, देवघर . न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत ने कंप्लेंट केस की सुनवाई पूरी की गयी. इसके बाद नामजद आरोपित दीपक पांडेय को चेक बाउंस का दोषी करार दिया और दो वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनायी. इसके अलावा 1,66,844 रुपये मुआवजा के तौर पर परिवादी को देने का भी आदेश दिया. सजायाफ्ता की ओर से उपरोक्त राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो अलग से चार माह की साधारण कैद की सजा काटनी होगी. यह मुकदमा रिखिया थाना के लौढ़िया गांव निवासी अभिषेक कुमार ने 18 अक्तूबर 2022 को न्यायालय में दाखिल किया था, जिसमें कहा था कि आरोपित ने दोस्ती के तौर पर दो लाख रुपये लौटाने की शर्त पर लिया था. परिवादी ने जब पैसों की मांग की तो आरोपित ने 1,37,500 रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से केस के समर्थन में दो लोगों ने गवाही दी और सारी बातों की पुष्टि की. अदालत ने परिवादी व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद उपरोक्त फैसला सुनाया.
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By फाल्गुनी मारिक
विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.
प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.
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