Deoghar News : मारपीट के तीन दोषियों को पांच-पांच साल की सश्रम सजा

एडीजे तीन सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने तीन आरोपितों को दोषी पाकर पांच-पांच साल की सश्रम सजा सुनायी.
विधि संवाददाता, देवघर : एडीजे तीन सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में चल रहे सेशन ट्रायल केस सरकार बनाम राजकिशोर सिंह व अन्य मामले की सुनवाई पूरी गयी. पश्चात इस मामले के तीन आरोपितों को दोषी पाकर पांच-पांच साल की सश्रम सजा सुनायी. साथ ही प्रत्येक दोषियों को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो राशि सूचक एवं पीड़ित को देय होगी. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अलग से छह माह की कैद की सजा काटनी होगी. सजा पाने वाला तीनों अभियुक्त सारवां थाना के बाराकोला गांव का रहने वाला है. मालूम हो कि इन अभियुक्तों के विरुद्ध सारवां थाना में 25 मार्च 2018 को गांव के धीरज कुमार सिंह के बयान पर केस दर्ज हुआ था, जिसमें जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से जख्मी करने का आरोप लगाया गया था. दर्ज मुकदमा के अनुसार जमीन को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें लाठी, रड एवं अन्य घातक औजार से हमला कर जख्मी करने का आरोप लगया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से कुल आठ लोगों ने गवाही दी एवं दोष सिद्ध करने में कामयाब रहा. अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता बिड़लानंद चौधरी ने पक्ष रखा.इस मामले में सूचक को छह साल संघर्ष के पश्चात न्याय मिला. हाइलाइट्स प्रत्येक दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
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By फाल्गुनी मारिक
विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.
प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.
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