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उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद आज भी हैं प्रासंगिक : संघ

Updated at : 24 Aug 2025 9:11 PM (IST)
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उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद आज भी हैं प्रासंगिक : संघ

सारवां प्रखंड क्षेत्र स्थित मुंशी प्रेमचंद पुस्तकालय में आयोजन

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सारवां. प्रखंड क्षेत्र स्थित मुंशी प्रेमचंद पुस्तकालय में रविवार को प्रगतिशील लेखक संघ की बैठक सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रो रामनंदन सिंह ने की. इस दौरान श्री सिंह ने कहा कि सन् 1936 में उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद ने लखनऊ में प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना की थी. वहीं, साहित्यकार प्रसन्न कुमार चौधरी ने कहा कि आज भी मुंशी प्रेमचंद की चेतना प्रासंगिक है. कहा कि प्रेमचंद ने सदा समानता के विचारधाराओं पर जोर दिया. वहीं, संघ के सचिव एफएम मरीक कुशवाहा ने कहा कि प्रेमचंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का दायित्व आपके कंधों पर है. उन्होंने कहा कि आज खोरठा विलुप्ति के पर है, इसको सहेजने की जरूरत है. वहीं, दयानंद झा को सारवां में प्रगतिशील लेखक संघ के गठन का दायित्व सौंपा गया. मौके पर अधिवक्ता प्रणव सिंह, संजय सिंह, पुस्तकालय संचालक विकास कुमार, अंकित कुमार, विशाल कुमार, अजय कुमार रवानी, निशिकांत पांडे, सुभाष यादव, मुन्ना कुमार, मुकेश मांझी आदि आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात नहीं कहोगे : प्रो रामनंदन सिंह

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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LILANAND JHA

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