संवाददाता, देवघर : एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर राज्य में अब सख्ती और तेज होने वाली है. झारखंड राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक सूरज कुमार ने राज्य के सभी नगर निगम व नगर निकायों को 120 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले कैरी बैग के निर्माण, भंडारण और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है. इस संबंध में नौ बिंदुओं पर विस्तृत जवाब और अनुपालन रिपोर्ट भी मांगे गये हैं. जारी पत्र के अनुसार, दिसंबर से 28 फरवरी तक सभी नगर निकायों को नियमित और प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाने का आदेश दिया गया है. प्रत्येक नगर निकाय में विशेष प्रवर्तन दल का गठन होगा, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे. हर माह कम से कम चार दिन अभियान चलाना अनिवार्य होगा. सूडा निदेशक के निर्देश पर देवघर नगर निगम ने विशेष टीम का गठन कर दिया है. इस टीम में सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार, नगर प्रबंधक सतीश कुमार दास व प्रकाश मिश्रा, सफाई सह फूड निरीक्षक सुनील कुमार मेहता, दीपक कुमार महतो व प्रेम राज, सेनेटरी सुपरवाइजर पिंटू कुमार राय, राजस्व निरीक्षक जुवेल गाड़ी व अमन वर्मा तथा सहायक मनोज कुमार गुप्ता को शामिल किया गया है.टीम को निर्देश दिया गया है कि ठेला-फेरी विक्रेताओं, दुकानों, थोक बाजारों, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रतिबंधित कैरी बैग बनाने वाले उद्योगों पर छापेमारी कर कार्रवाई सुनिश्चित करें. दोषियों पर लाइसेंस रद्द करने से लेकर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तक की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. आम लोगों की शिकायतों का सात दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश है. बताया गया कि पकड़े जाने के दौरान कानूनी कार्रवाई के अलावा एक लाख रुपये तक का जुर्माना व दुकान सील तक करने का प्रावधान है.
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