Shravani Mela: 'बोल बम' की गूंज और आस्था का सैलाब, जानिये देवघर में क्यों लगता है भव्य श्रावणी मेला

Baba Baidyanath Dham, Deoghar
Shravani Mela: देवघर के बैद्यनाथ धाम में पवित्र सावन माह में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला लगता है. इस दौरान कांवरिये (श्रद्धालु) सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम से गंगा जल लेकर पैदल बैद्यनाथ धाम तक आते हैं. कांवरिये उस जल से बाबा का जलाभिषेक करते हैं.
Shravani Mela: झारखंड के देवघर में लगने वाला श्रावणी मेला आस्था, उमंग और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत समागम है. इसका आयोजन भगवान शिव के पवित्र माह सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम में होता है. इस पवित्र और शुभ महीने में हजारों-लाखों की संख्या में देश-विदेश से बाबा के भक्त बैद्यनाथ धाम में स्थित ज्योतिर्लिंग पर जल अर्पण करने पहुंचते हैं. यह मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से काफी खास है. सावन में हर दिन बाबा का खास श्रृंगार भी किया जाता है.
कांवरियों पर बरसता है भोलेनाथ का आशीर्वाद

बाबा नगरी के नाम से मशहूर देवघर में सावन के महीने में श्रावणी मेला लगता है. यह एक धार्मिक मेला है, जिसमें हिस्सा लेने काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम आते हैं. इस दौरान बाबा के भक्त, जिन्हें कांवरिया कहा जाता है. बिहार के सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम से कांवड़ में गंगा का पवित्र जल भरकर पैदल देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक आते हैं. यहां उस जल को भक्त भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाते हैं. उनकी लगभग 105 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा को ‘बोल बम’ कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि श्रावणी मेले के दौरान बाबा पर जल अर्पण करने से प्रसन्न होकर महादेव भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं और उनपर अपना आशीर्वाद बरसाते हैं.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सावन माह में बढ़ जाता है मंदिर का महत्व
देवघर को “देवताओं का निवास” स्थान भी कहा जाता है. यह बाबा बैद्यनाथ का धाम है, जो महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 51 शक्तिपीठों में से एक है. इस मंदिर को भगवान शिव के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि यहां मौजूद शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान विष्णु ने की थी. यह शिवलिंग काफी खास है. इस मंदिर में सालों भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं. सावन महीने में इस मंदिर का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. भक्त लंबी लाइन में लगकर बाबा के दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को कामना लिंग भी कहा जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यहां आने वाले हर भक्तों की सारी मनोकामना जरूर पूरी होती है.
इसे भी पढ़ें RIMS में दवा और सर्जिकल आइटम की फाइल रोकने वाले कर्मियों पर गिरी गाज, वेतन रोका गया
बाबा का होता है भव्य श्रृंगार

जानकारी हो कि सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव का खास और भव्य श्रृंगार किया जाता है. इसके बाद संध्या आरती होती है. श्रृंगार के दौरान भोलेनाथ को फूल या रूद्राक्ष से बना विशेष मुकुट पहनाया जाता है, जो काफी खास होता है. इस विशेष मुकुट की खासियत है कि इसे जेल में बंद कैदी बनाते हैं. देवघर के बैद्यनाथ धाम में यह परंपरा काफी सालों से चली आ रही है.
इसे भी पढ़ें
Naxalbari Week Alert: झारखंड में नक्सलबाड़ी लड़ाई सप्ताह पर अलर्ट, एटीएस को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
Om Birla Jharkhand Visit: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज झारखंड दौरे पर, इन कार्यक्रमों का बनेंगे हिस्सा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




