मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के बुढ़ैई पहाड़ पर लगने वाला नवान्न मेला की तैयारी अंतिम चरण पर है. नवान्न पूजा 26 नवंबर को होगा. दही चुडा के साथ तीन दिवसीय नवान्न मेला प्रारंभ हो जायेगा. 27 नवंबर को मानसिक पूजन, मुंडन व बकरा बलि दिया जायेगा. 28 नवंबर को बुढ़ैई नवान्न मेला संपन्न होगा. बताया जाता है कि मेला संताल परगना का सबसे बडा मेला है. मेला में बिहार, बंगाल व झारखंड के अन्य प्रांतों के लोग शामिल होते है. यह मेला माता बुढ़ैश्वरी मंदिर के वार्षिकोत्सव और पूजन के साथ मनाया जाता है. पहले दिन पूजा के बाद दही-चूड़ा का प्रसाद वितरित किया जाता है. दूसरे दिन मानसिक पूजा, मुंडन और बकरे की बलि की रस्म होती है, जो मेले का मुख्य आकर्षण होती है. बताया जाता है कि नवान्न मेला नयी फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है. मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले, तारामाची, ड्रेगन ट्रेन, मौत कुआं, लकड़ी की सामग्री, लोहे के बने बर्तन व फरसा, भाला आदि की दुकानें सजने लगी है. हाइलाइर्ट्स : मधुपुर के बुढ़ैई पहाड़ पर लगने लगी दुकानें
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