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कांवरिया पथ से लाइव: 32 दिनों से दंड देते हुए बाबाधाम आ रहे नवादा के शंभु

Updated at : 24 Jul 2024 9:16 PM (IST)
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कांवरिया पथ से लाइव: 32 दिनों से दंड देते हुए बाबाधाम आ रहे नवादा के शंभु

सावन मास के पावन महीने में गेरुआ वस्त्रधारी कांवरियों का बाबाधाम आने का सिलसिला जारी है.

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राजीव रंजन, देवघर

बाबा बैद्यनाथ की महिमा अत्यंत निराली है. बाबा के दरबार में जिसकी मनोकानाएं पूरी होती हैं, वह बाबा के प्रति पूरी तरह समर्पित हो जाता है. कामनालिंग में अपनी मनोकामनाएं पूरी होने के बाद भोलेनाथ के भक्त अलग-अलग तरीकों से अपनी आस्था को प्रकट करने श्रावणी मेले के दौरान बाबाधाम पहुंचते हैं. सावन मास के पावन महीने में गेरुआ वस्त्रधारी कांवरियों का बाबाधाम आने का सिलसिला जारी है. मेले के तीसरे दिन बुधवार की सुबह से लेकर 11 बजे तक कांवरियों की कतार काफी तेज देखी गयी. दोपहर बाद कांवरियों की कतार में कमी आयी. जैसे- जैसे दिन ढलने लगा फिर से कांवरियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी. झारखंड प्रवेश द्वार दुम्मा गेट के पार करते हुए कांवरिये में एक नया जोश देखा जा रहा है. कांवरिया झूमते गाते हुए व बोल बम के नारे के साथ बाबा नगरी की ओर बढ़ते गये. बीच-बीच में इंद्रदेव खुद कांवरियों की भक्ति देख उन्हें राहत देते देखे. बीच-बीच में हाेने वाली बारिश में कांवरिये झूमते गाते आगे बढ़ते जा रहे थे. इस दौरान कोलकाता के कालीघाट से 16 सदस्यीय कांवरिये आकर्षक कांवर लेकर चल रहे थे. कांवर लेकर आ रहे जीसु दास ने बतया कि वह रविवार को जल उठाकर चले हैं, बुधवार की शाम तक जल चढ़ा देने की उम्मीद है. इसी क्रम में गंगा जल भरे डिब्बे में बिहार के नवादा जिला 50 वर्षीय शंभु कुमार लगातार 32 दिनों से दंड देते हुए बाबाधाम जल चढ़ाने आ रहे थे. उन्होंने बताया कि इस साल वह नौवीं बार बाबाधाम दंड देते हुए आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले बहुत बीमार रहते थे. इसे लेकर बाबा से स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी. अब जबतक स्वस्थ रहेंगे दंड देते हुए बाबा पर जलार्पण करने आते रहेंगे. वहीं, कांवरिया पथ पर नावाडीह के समीप हीरामणि देवी के नाम से चल रहे सेवा शिविर में 1998 से कांवरियाें की सेवा जारी है. माता हीरामणि देवी कांवरिया संघ के संयोजक बिनोद अग्रवाल ने बताया कि वह अपनी मां हीरामणि के नाम से 1998 से लगातार कांवरियों की सेवा करते हुए आ रहे हैं. इसके लिए हम सभी परिवार के सदस्य एक महीने तक सेवा में जुटे हुए रहते हैं. उन्होंने कहा कि सुबह कांवरियों को चाय, शर्बत, शाम लंगर और वहीं कांवरियों की मनोरंजन के लिए दोपहर और शाम से लेकर देर रात तक कांवरियों भजन संगीत चलता रहता है. हीरामणि सेवा शिविर में कोलकाता के उमा शंकर मिश्रा, रोशन पांडेय, एकता मलहरा की ओर से लगातार भजन संगीत प्रस्तुत कर रहे हैं. बुधवार को भी गायक उमा शंकर मिश्रा की और मेरे सिर पर रख दो बाबा अपने दोनों हाथ…. देना है तो दिजिए जनम- जनम का साथ… मेरे घर में पधारो भोले बाबा…… आदि भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते रहे. कांवरियों का भक्ति के रख में सराबोर होने के लिए कलकतिया, भूत बंगला, खिजुरिया समेत अन्य जगहों पर भक्ति मय संगीत कार्यक्रम किया जा रहा है.

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* श्रावण मास में 26 सालों से कांवरियों की सेवा कर रहे हीरामणि कांवरिया संघ के सदस्य

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