Sawan 2020 : सावन के 18वें दिन बाबा बैद्यनाथ की चंदन भारद्वाज ने षोडशोपचार विधि से की पूजा अर्चना

Updated at : 23 Jul 2020 5:21 PM (IST)
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Sawan 2020 : सावन के 18वें दिन बाबा बैद्यनाथ की चंदन भारद्वाज ने षोडशोपचार विधि से की पूजा अर्चना

Sawan 2020 : श्रावण मास के 18वें दिन शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि गुरुवार सुबह 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला. पुजारी चंदन भारद्वाज एवं मंदिर दरोगा विजय झा बाबा बैद्यनाथ की दैनिक पूजा करने बाबा मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश किये. इस दौरान बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की गयी.

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Sawan 2020 : देवघर (दिनकर ज्योति) : श्रावण मास के 18वें दिन शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि गुरुवार सुबह 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला. पुजारी चंदन भारद्वाज एवं मंदिर दरोगा विजय झा बाबा बैद्यनाथ की दैनिक पूजा करने बाबा मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश किये. इस दौरान बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की गयी.

पुजारी चंदन भारद्वाज ने सबसे पहले बुधवार रात्रि के बाबा के शृंगार पूजा के दौरान उपयोग की गयी पूजा सामग्रियों को शिवलिंग से हटायी. उन्हें मखमल के कपड़े से साफ किया. मंदिर पुजारी चंदन भारद्वाज की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा पर एक लोटा कांचा जल चढ़ाते ही कांचा पूजा शुरू हो गयी.

इसके बाद मंदिर प्रशासनिक भवन से तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर गर्भगृह में प्रवेश किये. सभी तीर्थ पुरोहितों ने बाबा की कांचा पूजा की. मौके पर जय शिव की जयकारा से मंदिर परिसर सहित आसपास का क्षेत्र गूंज उठा. इसके बाद बाबा की सरकारी पूजा शुरू हुई. मंदिर पुजारी चंदन भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फूल, विल्व पत्र, फल, इत्र, चंदन, मधु, घी, दूध, शक्कर, धोती, जनेऊ आदि अर्पित किये. इसके बाद पुनः तीर्थ पुरोहितों को बाबा की पूजा के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया. इसमें सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों को मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश कराया गया.

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सरकारी पूजा के उपरांत महिला तीर्थ पुरोहित गुदड़ी देवी ने मंदिर इस्टेट की ओर से मंदिर परिसर स्थित मां अन्नपूर्णा, मां काली, मां पार्वती आदि सभी देवी शक्ति मंदिरों में माता को जल से स्नान करा कर सिंदूर लगायी गयी. सुबह 6:30 बजे मंदिर का पट बंद कर दिया गया.

वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण ने बाबा मंदिर की आर्थिक रीढ़ तोड़कर रख दी है. श्रावणी मेला में देश-विदेश से भक्त आते थे. यहां पर आवासन करते थे. इससे पेड़ा, चूड़ा, चूड़ी, सिंदूर, बद्दी, माला, होटल व्यवसाय, मोटर व्यवसाय आदि चीजों में तीर्थ यात्री खर्च करते थे. इससे बाबाधाम में मात्र एक माह में अरबों रुपये का कारोबार होता था.

श्रावणी मेले में शिवगंगा देवघर कॉलेज, विलियम्स टाउन बीएड कॉलेज, लक्ष्मीपुर चौक, बिलासी, हरिहर बाड़ी कॉलोनी, पंडित बीएन झा पथ, भुरभुरा मोड़ आदि जगह भक्तों से पटा रहता था. इस बार कोरोना ने सब पर ब्रेक लगा दिया है. लोगों के सामने भूखमरी की स्थिति आ गयी है. पूरा बाबाधाम इलाका खाली खाली है.

श्रावण के दिनों में शिवगंगा तट पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी. भक्त स्नान करने के लिए घंटों इंतजार करते थे. इस बार शिवगंगा में स्नान करने से रोकने के लिए पवित्र तालाब के घाटों को पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर दी गयी है. शिवगंगा के चारों ओर पुलिस बैठा दी गयी है.

शहरी क्षेत्र के सभी मुख्य मार्गों में चेक पोस्ट बना दी गयी है. वहां पुलिस तैनात कर दी गयी है. हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है. बाहर से लोगों को प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है. इसके लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दी गयी है. सब कुछ बदला- बदला सा दिख रहा है. संक्रमण से भक्तों को बचाने के लिए बाबा मंदिर में बाहरी भक्तों के अलावा तीर्थ पुरोहित परिवार की महिला एवं बच्चों को भी पूजा करने पर रोक है. मंदिर के चारों ओर लाउडस्पीकर से शिव धुन बज रहे हैं. इससे बीच-बीच में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.

Posted By : Samir ranjan.

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