चितरा को नया प्रखंड का दर्जा मिलने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज

सारठ बीडीओ ने एक सप्ताह में आमसभा की सहमति मांगने का दिया निर्देश
चितरा. चितरा को नया प्रखंड बनाने की दिशा में प्रशासन की पहल तेज हो गयी है. इस संबंध में सारठ बीडीओ द्वारा पत्र जारी कर संबंधित पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में आमसभा आयोजित कर प्रस्ताव पर अनापत्ति प्रदान करें. दरअसल, सारठ और पालोजोरी प्रखंड के पुनर्गठन के तहत चितरा, ठाड़ी, शिमला, दुमदुमी, आसनबनी और पलमा पंचायतों को मिलाकर नये चितरा प्रखंड का गठन प्रस्तावित है. इसे लेकर पंचायत स्तर पर जनमत संग्रह की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रखंड प्रशासन ने सभी मुखियाओं को निर्देश दिया है कि वे अपनी अध्यक्षता में ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर आमसभा आयोजित करें तथा प्रस्ताव पर उनकी सहमति सुनिश्चित करें. इस प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति उपलब्ध कराने को कहा गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह पहल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यदि पंचायतों से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो चितरा को अलग प्रखंड का दर्जा मिलने से प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ेंगी, विकास कार्यों में तेजी आयेगी और स्थानीय समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा. उल्लेखनीय है कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने चितरा को प्रखंड बनाने की मांग उठायी थी. इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता के कार्यकाल में भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया था. अब सभी की निगाहें पंचायत स्तर पर मिलने वाले जनसमर्थन पर टिकी हैं.
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