Deoghar News : चेक बाउंस की दोषी को एक साल की सजा

न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत में चल रहे कंप्लेंट केस की सुनवाई पूरी की गयी, पश्चात नामजद आरोपित गायत्री देवी को चेक बाउंस का दोषी पाकर एक साल की सजा सुनायी गयी.
विधि संवाददाता, देवघर : न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत में चल रहे कंप्लेंट केस की सुनवाई पूरी की गयी, पश्चात नामजद आरोपित गायत्री देवी को चेक बाउंस का दोषी पाकर एक साल की सजा सुनायी गयी. साथ ही 5 लाख 52 हजार 168 रुपये मुआवजा के तौर देने का आदेश दिया गया. यह राशि अदा नहीं करने पर अलग से तीन माह कैद की सजा काटनी होगी. आरोपित नगर थाना के हरि नारायण मुखर्जी रोड के निकट की रहनेवाली है, जबकि परिवादी नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले का रहने वाला है. यह मुकदमा 4 दिसंबर 2020 को शिवपुरी के रहने वाले बुद्धिनाथ ठाकुर के शिकायत पर कोर्ट में दर्ज हुआ था. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से पांच लोगों ने गवाही दी और दोष सिद्ध कराने में सफल रहा. बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से एक भी गवाही नहीं दी गयी. अदालत ने परिवादी एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनी, पश्चात आरोपित को दोषी करार दिया गया और सजा सुनायी गयी. दर्ज मुकदमा के अनुसार परिवादी के व्यवसायिक प्रतिष्ठान से आरोपित ने सात लाख रुपये के सामान लिये थे. इसमें से कुछ राशि भुगतान की व शेष राशि 5.52 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया. वकालतन नोटिस देने के बाद भी रुपये नहीं लौटाये, पश्चात परिवादी ने कोर्ट में केस किया. हाइलाइट्स 5.52 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
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By फाल्गुनी मारिक
विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.
प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.
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