विधि संवाददाता, देवघर. एडीजे तृतीय सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में चल रहे पॉक्सो केस की सुनवाई पूरी की गयी. इसके बाद नामजद आरोपित आकाश महतो को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया. आरोपित जामताड़ा जिले के हथधारा गांव का रहने वाला है और यह बिंदापाथर थाना के परिक्षेत्र में पड़ता है. इसके विरुद्ध एक नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर चितरा थाना में 20 अगस्त 2025 की घटना को लेकर एफआइआर दर्ज हुआ था. इसमें किशोरी के साथ छेड़खानी करने और शादी की नीयत से जबरन सिंदूर डालने का आरोप लगाया गया था. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान पूरी किया व नामजद के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया. इसके बाद केस का स्पीडी ट्रायल चला और इस दौरान अभियोजन पक्ष से महज तीन लोगों की गवाही हुई. किसी भी गवाह ने घटना की पुष्टि नहीं की. स्पेशल कोर्ट में अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी गयी. इसके बाद आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया. इस मामले में महज पांच माह के अंदर फैसला आया.
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