मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह रोड स्थित कोचिंग संस्थान में मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती व राष्ट्रीय शिक्षा दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया. शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने कलाम की तस्वीर पर मल्यार्पण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पण किया. इस अवसर पर संस्थान के निदेशक भूमन्यु सौरव ने कहा कि आजाद भारत में आज जो शिक्षा का स्वरूप है उसमें मौलाना आजाद का बहुत ही बड़ा योगदान है. वे आधुनिक भारत के शिक्षा के वास्तुकार थे. उनका मानना था कि शिक्षा केवल कारोबारी या आर्थिक समस्या के समाधान का साधन मात्र नहीं है, बल्कि शिक्षा का उद्देश्य इंसान के संस्कार व्यक्तित्व में चमक पैदा करना है. इन्ही के अथक प्रयासों से भारत में उच्च शिक्षा के लिए आईटीटी, यूजीसी, जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे संस्थान बनाये गये. वे भारत में ऐसी शिक्षा के लिए प्रयासरत थे कि विदेश के बच्चे हमारे यहां आ कर शिक्षा ग्रहण करें. आगे उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने की कला सिखाती है. आज के विद्यार्थियों को चाहिए कि वे शिक्षा को ज्ञान प्राप्ति और चरित्र निर्माण का साधन बनाये. भारत को अगर विकसित बनाना है तो केवल शिक्षा के बल से बनाया जा सकता है और दिल से दी गयी. शिक्षा समाज में क्रांति ला सकती है. मौके पर दर्जनों छात्र-छात्रा मौजूद थे. हाइलार्ट्स : समारोह पूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
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