पैसे के अभाव में रूक गयी टीबी मरीजों की तलाश, इस साल मिले थे 1367 मरीज, 4 प्रतिशत है मृत्यु दर

नये टीबी मरीजों की तलाश पैसे अभाव में बंद हो गयी है. निक्षय पोषण योजना की राशि कई दिनों से बंद है. और जिले में इससे होने वाली मृत्यु दर 4 प्रतिशत है, अगर समय से ये योजना नहीं शुरू हुई तो फिर मरीजों की संख्या बढ़ने लगेंगे.
Jharkhand News, Deoghar News देवघर : पैसे के अभाव में जिले में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नये टीबी मरीजों की तलाश (एसीएफ कार्यक्रम) लगभग रुक गयी है. निक्षय पोषण योजना की राशि का भुगतान बंद है. कार्यक्रम के अंतर्गत पदस्थापित कर्मियों के मानदेय का भुगतान भी नहीं हो रहा है. नये टीबी मरीजों की तलाश नहीं होने से इनकी संख्या बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता. यह भी उस स्थिति में, जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2025 तक जिले को टीबी मुक्त करने की योजना तैयार की गयी है. पैसे के लिए जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी को पत्र भी लिखा है.
कहा है कि जिला स्वास्थ्य समिति व राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में भी राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण एसीएफ कार्यक्रम और निक्षय पोषण योजना के संचालन में समस्या आ रही है. राशि उपलब्ध हो, ताकि एसीफ कार्यक्रम की शुरुआत की जा सके. निक्षय पोषण योजना की लंबित राशी भी दी जा सके.
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार, जिले में जनवरी से जुलाई माह तक 1367 टीबी मरीजों की पहचान की गयी है. इसमें 20 मरीज एमडीआर टीबी से ग्रसीत हैं, जाे गंभीर स्थिति में हैं. इनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है. दो सितंबर से एक नवंबर तक विशेष अभियान चला कर टीबी मरीजों की तलाश की जानी है.
लेकिन जिले में फंड के अभाव के कारण यह कार्य अबतक शुरू नहीं हो सका है. 11 सितंबर तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाना था. इसके बाद 11 सितंबर से 15 सितंबर तक अभियान का प्रचार प्रसार किया जाना था. वहीं 25 अक्तूबर तक एनपीवाई का भुगतान किया जाना है. इसके बाद विभाग को प्रतिवेदन जमा करने को कहा गया है. लेकिन फंड के अभाव में अभियान पर ब्रेक लग गया है.
टीबी मरीजों को स्वास्थ्य की देखभाल व पौष्टिक आहार के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत प्रत्येक माह 500 रुपये दिये जाते हैं. पर फंड के अभाव में मरीजों को राशि नहीं दी जा रही है. ऐसे में टीबी मरीजों को काफी परेशानी हो रही है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2020 में 1348 मरीजों की पहचान की गयी थी. इनमें 51 टीबी मरीजों की मौत भी हो गयी है. यह दर करीब चार प्रतिशत है. निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को प्रत्येक माह राशि नहीं मिली, तो आंकड़ा बढ़ भी सकता है.
स्थान वर्ष 2021 वर्ष 2020
देवघर 672 561
जसीडीह 35 56
करौं 33 49
मधुपुर 336 329
मोहनपुर 73 104
पालोजोरी 52 56
सारठ 12 130
सारवां 46 63
इसके लिए माइक्रो प्लान बना कर विभाग को भेज चुके हैं, फंड का इंतजार है. स्टेट से जल्द से जल्द फंड भेजने वाला है, इसके बाद योजना को शुरु किया जायेगा.
डॉ आलोक कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी
फंड के अभाव में योजना बंद है. इसकी भी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को है. विभाग से फंड की मांग की गयी है. फंड के आवंटन हाेते ही योजना को शुरू किया जायेगा. निक्षय पोषण योजना की राशि रहनी ही चाहिए.
डॉ सीके शाही, सिविल सर्जन
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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