स्ट्रॉबेरी की खेती कर किसान हो रहे आत्मनिर्भर

Updated at : 02 Mar 2025 7:42 PM (IST)
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स्ट्रॉबेरी की खेती कर किसान हो रहे आत्मनिर्भर

मधुपुर प्रखंड क्षेत्र की पटवाबाद, जाभागुड़ी व बड़ा नारायणपुर पंचायत में जलछाजन मिशन से हो रही खेती

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मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की पटवाबाद, जाभागुड़ी व बड़ा नारायणपुर पंचायत में जलछाजन मिशन द्वारा स्ट्रॉबेरी की खेती करायी जा रही है, जिससे खेती करने वाले किसान आत्मनिर्भर हो सके. रविवार को जलछाजन विभाग के सहायक अभियंता दिलीप कुमार मरांडी ने स्थल का जायजा लिया. मरांडी ने कहा कि मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के तीन पंचायत में साढे बारह एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों द्वारा किया जा रहा है. कहा कि पटवाबाद पंचायत के छह किसान, जाभागुड़ी के चार व बड़ा नारायणपुर के दो किसानों के द्वारा पांच हेक्टेयर भूमि का स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है. इसके लिए विभाग द्वारा केमरोजा व विंटरडोम का पौधा हिमाचल प्रदेश से मंगाया गया था. साथ ही किसानों को हिमाचल प्रदेश से आये प्रशिक्षक के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया गया. उधर, भोक्ताछोरांट के किसान नकुल यादव, महेंद्र यादव व बडा नारायणपुर के मो. शहज्जाद आलम ने बताया कि पिछले एक साल से वे लोग लगातार स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जल छाजन मिशन देवघर द्वारा सहयोग एक लाख 90 हजार की राशि के माध्यम से उन्होंने एक एकड़ भूमि में स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाया था. शहज्जाद ने कहा कि वे डिप्लोमा सिविल इंजीनियर की पढ़ाई भी किया है, लेकिन रोजगार नहीं मिलने के कारण वे अपने गांव में ही रोजगार ढूंढ़ने का काम किया और एक साल पूर्व जल छाजन मिशन देवघर के सहयोग से हिमाचल व नैनीताल से स्ट्रॉबेरी का पौधा लाया. साथ ही ड्रीप एरिगेशन व मलच के माध्यम से दिन में दो बार दो- दो घंटा पटवन के माध्यम से एक एकड़ जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती करना प्रारंभ किया. इससे सालाना तीन लाख से अधिक के स्ट्रॉबेरी को बाजार में बेच चुके है. उन्होंने बताया कि अगस्त से मार्च तक ही स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है. इसकी कीमत बाजार में 400 रुपये प्रति किलोग्राम मिल जाता है. उनके द्वारा उपज किये गये स्ट्रॉबेरी मधुपुर, गिरिडीह, देवघर व सरांवा में बिक रहा है. उन्होंने बताया कि सरकारा द्वारा किसान को पॉली हाउस व तपक सिंचाई के लिए डीप बोरिंग की सुविधा दिया जाये तो वे पूरा साल इसकी खेती कर सकते है. बताया कि युवा रोजगार के लिए स्ट्रॉबेरी की खेती कर सकते हैं. जल छाजन विभाग के अधिकारी के टीम के द्वारा रविवार को भोक्ताछोरांट में लगाये गये स्ट्रॉबेरी की खेती का जायजा लिया.

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