देवघर जिले में बढ़ रहे डिप्थीरिया के मरीज ,मधुपुर और सारठ में अबतक मिले हैं डिप्थीरिया के तीन मरीज

डिप्थीरिया का इलाज संभव है, इसके लिए एंटी टॉक्सिन इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है. इसके अलावा एरिथ्रोमाइसिन जैसे एंटीबायोटिक्स दवा का भी उपयोग डॉक्टर के सलाह पर किया जाता है.
देवघर जिले में डिप्थीरिया बीमारी पांव पसार रही है. यहां अबतक तीन डिप्थीरिया मरीजों की पहचान हुई है. इसके बाद से विभाग सतर्क हो गया है. इस बीमारी का प्रकोप सबसे अधिक बच्चों में देखा जाता है. जिला महामारी विशेषज्ञ डाॅ मनीष शेखर ने बताया कि डिप्थीरिया के संक्रमितों की पहचान होने के बाद सभी की सैंपलिंग करा कर जांच के लिए भेजा गया है. साथ ही सभी तीनों बच्चों का संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सतर्कता रखने को लेकर परिजनों कहा गया है. इसके अलावा विभाग को भी संक्रमितों की पहचान कर जांच व इलाज करने को कहा गया है.
डिप्थीरिया एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो मरीज के गले, नाक और जीभ में हाेता है. डिप्थीरिया कभी- कभी कम इम्यूनिटी वाले बच्चों व बुजुर्गों को हृदय, गुर्दे और तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है. इस कारण मौत भी हो सकती है. इससे बच्चों में सांस लेने में परेशानी हो जीता है. डिप्थीरिया आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है, यह संक्रमित व्यक्ति से छिंकने, खांसने से हो सकता है.
गले में दर्द, बुखार, भूख नहीं लगना, लसीका ग्रंथियां फूल जाना, सामान्य कमजोरी, कफ होना आदि
क्या है इलाज
डिप्थीरिया का इलाज संभव है, इसके लिए एंटी टॉक्सिन इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है. इसके अलावा एरिथ्रोमाइसिन जैसे एंटीबायोटिक्स दवा का भी उपयोग डॉक्टर के सलाह पर किया जाता है. इसके अलावा टीकाकरण के उपयोग से डिप्थीरिया को रोका जा सकता है. डिप्थीरिया के लिए डीटीएपी के रूप में टीका दिया जाता है,
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By Prabhat Khabar News Desk
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