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Deoghar News : जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी, अनावश्यक दस्तावेजों की मांग करने का आरोप

Updated at : 27 Apr 2025 6:44 PM (IST)
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Deoghar News : जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी, अनावश्यक दस्तावेजों की मांग करने का आरोप

नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगाें को इन दिनों परेशानी का सामना पड़ा रहा है. सरकार द्वारा तय दस्तावेजों के रहने के बावजूद अनुमंडल कार्यालय में सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के साथ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है.

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संवाददाता, देवघर : नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगाें को इन दिनों परेशानी का सामना पड़ा रहा है. सरकार द्वारा तय दस्तावेजों के रहने के बावजूद अनुमंडल कार्यालय में सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के साथ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है. इससे लोगों को प्रमाण पत्र मिलने में महीनों लग रहे हैं. जन्म चाहे अस्पताल में हो या घर पर, अब हर मामले में सभी तरह की रिपोर्ट की मांग की जा रही है, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. लोगों का आरोप है कि यह प्रक्रिया अनावश्यक जटिलता को बढ़ावा दे रही है तथा लोगों को एक माह से अधिक समय तक प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है.

दरअसल, जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के साथ कई तरह के प्रमाण की मांग की जाती है. इसमें आवेदक सुविधानुसार किसी भी एक दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न कर प्रमाण पत्र के लिए निगम की जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद नियमानुसार अधिकतम 15 दिनों के अंदर विभाग को आवेदक को प्रमाण पत्र देना है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.

शाखा प्रभारी ने कहा : अनुमंडल कार्यालय से लौटाये जा रहे आवेदन

निगम की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा के प्रभारी प्रभु फलाहारी का कहना है कि निगम से किसी तरह की परेशानी नहीं है. आवेदक के द्वारा आये आवेदन की पूरी जांच तीन से चार दिन के अंदर कराने के बाद अनुमंडल कार्यालय भेजा जाता है. वहां से स्वीकृति मिलने के बाद अधिकतम आठ से 10 दिनों में आवेदक को प्रमाण पत्र देते रहे हैं, लेकिन कुछ दिनों से अनुमंडल कार्यालय में मानक में दिये गये सभी तरह के दस्तावेज की मांग की जा रही है. कोई भी दस्तावेज कम होने पर आवेदन को पेपर की कमी बताकर वापस लौटा दिया जा रहा है. इस कारण परेशानी हो रही है. नियमानुसार कोई बच्चा अगर सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में जन्म लिया है तो वहां के चिकित्सक के द्वारा प्राप्त रिपोर्ट की आवश्यक है. वहीं कोई बच्चा घर में जन्म लिया है, तो उसके लिए तय फॉर्मेट के अनुसार आंगनबाड़ी की रिपोर्ट या वार्ड पार्षद की रिपोर्ट देनी है. वहीं अनुमंडल कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सभी दस्तावेजों की मांग की जा रही है. एक भी दस्तावेज कम रहने पर कमी के कारण को बता कर वापस कर दिया जा रहा है. ऐसे में बच्चा अगर घर में हुआ है, तो वे डॉक्टर की रिपोर्ट को कहां से लायें. निगम पहुंचे एक आवेदक ने बताया कि अगर किसी का बच्चा घर में पैदा हुआ है, तो वह डॉक्टर का या फिर जिसका बच्चा नर्सिंग होम में पैदा हुआ है वह आंगनबाड़ी से रिपोर्ट कहां से लायेगा. वहीं वर्षों से निगम का चुनाव नहीं हुआ है ऐसे में पार्षद की अनुशंसा किससे करायी जाये. इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

क्या कहते हैं एसडीएम

ऐसा नहीं है कि प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है. बीते एक सप्ताह में 80 के करीब प्रमाण पत्र की स्वीकृति दी गयी है. नियम के अनुसार आवश्यक कागजात की मांग की जा रही है. जिसका बच्चा अस्पताल में हुआ है उसे अस्पताल का और जिसका संस्थागत प्रसव या फिर घर में किसी कारणवश हुआ है, तो उसे उस नियम के तहत पेपर देने होंगे. वार्ड पार्षद नहीं हैं और इसकी भी मांग की जा रही है, तो इसकी समीक्षा करते हैं. किसी को परेशानी नहीं होगी.

रवि कुमार, एसडीएम, देवघर

हाइलाइट्स

निगम में कई आवेदन एक माह से लंबित

जनप्रतिनिधि का हस्ताक्षर व मुहर नहीं होने के नाम पर किया जा रहा रिजेक्ट

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Sanjeev Mishra

लेखक के बारे में

By Sanjeev Mishra

Sanjeev Mishra is a contributor at Prabhat Khabar.

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