देवघर में सो रही 60 वर्षीय महिला की सर्पदंश से मौत, साइलेंट किलर की तरह घर में घुसा सांप
AI जेनरेटेड तस्वीर.
देवघर में घर में सो रही 60 वर्षीय महिला को जहरीले सांप ने डस लिया, इलाज के दौरान सदर अस्पताल में हुई मौत.
देवघर. घर में सो रही एक वृद्ध महिला को विषैले सांप ने डस लिया. सर्पदंश के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी. परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
मृतका की पहचान दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के कलहोड़िया गांव निवासी 60 वर्षीय गुड़िया देवी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, गुड़िया देवी घर में सो रही थीं. इसी दौरान विषैले सांप ने उन्हें डस लिया. सर्पदंश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी.
जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें लेकर देवघर सदर अस्पताल पहुंचे. चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
बारिश में क्यों बढ़ जाता है सांपों का खतरा
बरसात के दौरान सांप अपने छिपने के स्थान से बाहर निकल सकते हैं. घरों के आसपास पानी जमा होने, झाड़ियों के बढ़ने और चूहों जैसे शिकार की तलाश में सांप मानव बस्तियों के करीब पहुंच सकते हैं. खासकर गांवों में जमीन के करीब बने घर, लकड़ी या ईंटों का ढेर और घर के आसपास जमा कचरा सांपों के छिपने की जगह बन सकता है. रात में जमीन पर सोने या अंधेरे में बिना देखे हाथ-पैर रखने से भी सर्पदंश का खतरा बढ़ सकता है.
घर के आसपास झाड़ियां और अनावश्यक घास जमा न होने दें. लकड़ी, ईंट, पत्थर और कचरे के ढेर को घर से दूर रखें.
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें. जूते, कपड़े या बिस्तर इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लेना भी सावधानी का हिस्सा है.
घर में चूहों की समस्या को नियंत्रित रखना भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि चूहों की मौजूदगी सांपों को आसपास आने का कारण बन सकती है.

सर्पदंश को लेकर सबसे जरूरी बात
स्किन और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय मदद मिलना बेहद जरूरी है. हर सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन सांप के काटने के बाद उसकी पहचान के आधार पर खुद फैसला करना सुरक्षित नहीं है.
सर्पदंश को लेकर किसी भी तरह की झाड़-फूंक, घरेलू नुस्खे या इलाज में देरी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. ऐसे मामले में पीड़ित को जल्द से जल्द चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना सबसे जरूरी कदम है.
सावधानी ही बचाव का सबसे मजबूत तरीका
देवघर में हुई इस घटना ने यह याद दिलाया है कि बरसात के दिनों में घर के भीतर भी सावधानी जरूरी है. खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवार रात के समय रोशनी का इस्तेमाल करें और सोने की जगह के आसपास साफ-सफाई रखें.
गुड़िया देवी की मौत परिवार के लिए गहरा दुख है, लेकिन ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए समय पर अस्पताल पहुंचने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की आदत कई बार अनमोल जिंदगी बचाने में मदद कर सकती है.
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