अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ का अलौकिक महाशृंगार: सरदार पंडा ने किया दिव्य पूजन, पलंग-पादुका का हुआ दान

Published by :Sameer Oraon
Published at :20 Apr 2026 9:10 PM (IST)
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Akshaya Tritiya

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करते पुजारी

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है. परंपरा के अनुसार सरदार पंडा श्रीश्री गुलाबनंद ओझा ने बाबा भोलेनाथ का अलौकिक महाशृंगार किया. घाम चंदन, कस्तूरी और इत्र अर्पित कर विशेष भोग लगाया गया.

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Akshaya Tritiya, देवघर (संजीव मिश्रा की रिपोर्ट): अक्षय तृतीया के पावन और शुभ अवसर पर सोमवार को देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बैद्यनाथ मंदिर में भव्य महाशृंगार का आयोजन किया गया. सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर के महंत सह सरदार पंडा श्रीश्री गुलाबनंद ओझा ने विधिवत मंत्रोच्चार के बीच बाबा भोलेनाथ का अलौकिक और दिव्य शृंगार संपन्न किया. इस विशेष और अति-गोपनीय अनुष्ठान के दौरान गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी. हालांकि, पूजा संपन्न होने के तुरंत बाद भक्तों को बाबा के विशेष दर्शन का अवसर प्रदान किया गया, जिससे मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

7:28 बजे खुला पट, शुरू हुआ अलौकिक शृंगार

महाशृंगार की पावन प्रक्रिया शाम को मां काली मंदिर में शृंगार के बाद प्रारंभ हुई और ठीक 7:28 बजे बाबा मंदिर का पट खोला गया. गर्भगृह में प्रवेश कर पुजारी चंदन झा ने सबसे पहले शिवलिंग पर विराजमान गलंतिका, फूल और बेलपत्र को हटाकर मलमल के पवित्र कपड़े से बाबा को स्वच्छ किया. इसके पश्चात, सरदार पंडा महंत गुलाबनंद ओझा ने जलार्पण कर इत्र, फूलेल और कस्तूरी युक्त घाम चंदन अर्पित करते हुए बाबा का अलौकिक शृंगार प्रारंभ किया, जिससे पूरा गर्भगृह सुगंधित हो उठा.

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विशेष भोग, आरती और दान अनुष्ठान

शृंगार के दौरान घाम चंदन और विभिन्न प्रकार के पुष्प अर्पित कर बाबा को विशेष भोग लगाया गया. इसके बाद विधिवत महाआरती के साथ शृंगार पूजा का प्रथम चरण संपन्न हुआ. मंदिर की परंपरा के अनुसार, इसके उपरांत मंझला खंड में दान अनुष्ठान का आयोजन किया गया. इसमें बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के लिए पलंग, गद्दा, तकिया, मच्छरदानी और खड़ाऊं (पादुका) सहित कई प्रकार की आवश्यक वस्तुओं का विधिवत पूजन कर दान किया गया. मुख्य पूजा इस्टेट के पुरोहित श्रीनाथ पंडित ने संपन्न कराई, जबकि उपचारक भक्तिनाथ फलहारी ने पूर्ण सहयोग किया.

श्रद्धालुओं ने किया वर्चुअल दर्शन

अक्षय तृतीया के दिन बाबा के इस महाशृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दिया. आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण, भक्तों ने मंदिर परिसर और आसपास लगे एलईडी (LED) स्क्रीन के माध्यम से लाइव टेलीकास्ट (सीधा प्रसारण) देखकर महाशृंगार का वर्चुअल दर्शन किया. सरदार पंडा द्वारा पलंग और पादुका दान की इस प्राचीन परंपरा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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