यह कोई कहानी या सुनी-सुनायी जुमला नहीं बल्कि सच्ची घटना है. इस तरह का कॉल 27 जनवरी 2016 को मिहिजाम के कृष्णानगर निवासी उत्तम कुमार पांडेय को अनजान नंबर 0923006546401 से आया था. इस संबंध में मिहिजाम थाने में उसने लिखित शिकायत भी दी थी, किंतु थाने से उसे रिसिविंग तक नहीं दी गयी. इस आशय का समाचार भी उस समय प्रभात खबर में प्रकाशित हुई थी. पूछे जाने पर उस वक्त थाना प्रभारी मंगल प्रसाद कुजूर ने मामले की पुष्टि कर इसे साइबर क्राइम बताया गया था. बावजूद मामले में थाने के स्तर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
भागलपुर पुलिस ने इन दोनों को जेल भेजा है. भागलपुर पुलिस के अनुसार बलवंत सातवीं व बलवीर तीसरी कक्षा तक पढ़ा है, किंतु तकनीकी के क्षेत्र में दोनों एक्सपर्ट है. लोगों के खाते से पैसे खींचने में इनलोगों को महज दो से तीन मिनट ही लगता है. इनलोगों का नेटवर्क पाकिस्तान के पैसलाबाद, पेशावर, लाहौर व जंग समेत साउदी अरब के बड़े साइबर आरोपितों से जुड़ा है. इनलोगों का धंधा माेबाइल के जरिए नेट व व्हाटस-अप के माध्यम से चलता है.

