देवघर : 36 साल बाद पुनासी जलाशय का सपना साकार

Updated at : 31 Jan 2019 7:35 AM (IST)
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देवघर :  36 साल बाद पुनासी जलाशय का सपना साकार

देवघर : 1982 में तैयार की गयी पुनासी जलाशय योजना का कुल प्राक्कलन 26.09 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था. जमीन अधिग्रहण की धीमी रफ्तार, विस्थापितों के आंदोलन और सरकार की उदासीनता के कारण पुनासी का काम रेंग-रेंग कर हुआ. लेकिन देर ही सही योजना अब पूर्ण होने वाली है. एक बार तो ऐसी नौबत […]

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देवघर : 1982 में तैयार की गयी पुनासी जलाशय योजना का कुल प्राक्कलन 26.09 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था. जमीन अधिग्रहण की धीमी रफ्तार, विस्थापितों के आंदोलन और सरकार की उदासीनता के कारण पुनासी का काम रेंग-रेंग कर हुआ. लेकिन देर ही सही योजना अब पूर्ण होने वाली है.

एक बार तो ऐसी नौबत आ गयी कि बढ़ते प्राक्कलन के कारण सरकार और विभाग ने इस योजना को बंद ही कर देने का निर्णय लेने की तैयारी कर ली थी. लेकिन गोड्डा सांसद ने इस योजना में जान डाली यहां तक कि इस योजना को पूर्ण कराने के लिए सांसद डॉ दुबे को हाइकोर्ट तक का सहारा लेना पड़ा.

हाइकोर्ट ने जब पुनासी जलाशय योजना की मॉनिटरिंग शुरू की तब इस योजना में गति आयी. नतीजा है कि आज 37 सालों बाद इस परियोजना का अहम काम रिवर क्लोजर का काम शुरू हुआ है. कहा जाता है कि रिवर क्लोजर किसी भी जलाशय योजना का कार्य कंप्लीट माना जाता है.

फैक्ट फाइल
1982 में शुरू हुई थी पुनासी जलाशय योजना
बांध की लंबाई
2.13 किमी
मुख्य नहर की लंबाई 72 किमी
38 हजार एकड़ खरीफ व 22 हजार एकड़ रबी फसल की होगी सिंचाई
बांध का कार्य पूर्ण होने के कगार पर
मुख्य नहर का काम लगभग पूर्ण
स्पील वे का काम
45% पूरा
जून तक होगा रिवर क्लोजर का काम पूरा
16 गांव के 606 परिवार हुए प्रभावित
1982 से शुरू हुई योजना का मुख्य कार्य 1998 में आरंभ हुआ. तब तक प्राक्कलन बढ़ कर 185.82 करोड़ हो गया था. वर्तमान में योजना की लागत बढ़ कर 800 करोड़ पार कर गयी है. इस मामले में 113 से अधिक विस्थापितों को नौकरी भी दी चुकी है. इस जलाशय योजना से लगभग 16 गांवों के 606 परिवार प्रभावित हैं.
इनमें से 301 परिवार का पुनर्वास हो चुका है. इस योजना की लागत पर एक नजर डालें तो वर्ष 1982 में अजय नदी पर पुनासी जलाशय योजना के लिए तत्कालीन बिहार सरकार ने अनुमानित लागत 26.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी. वर्ष 1996 में केेंद्रीय जल आयोग एवं राज्य सरकार ने योजना की लागत बढ़ाकर 185.82 करोड़ किया गया, जबकि 1999 में इस योजना की लागत 221.65 करोड़ हो गयी. इस तरह योजना में देरी होती गयी और प्राक्कलन बढ़ता गया.
क्या है पुनासी जलाशय योजना
पुनासी जलाशय योजना की लंबाई 3133.60 मीटर व ऊंचाई 21.34 मी है. मुुख्य कनाल 77.94 किमी लंबा बनाना है. पुनासी जलाशय योजना पूरी होने पर 38 हजार एकड़ खरीफ और 22 हजार एकड़ रबी फसल की खेती तक पानी पहुंचाने की योजना है. इसका लाभ देवघर जिला के देवघर, मोहनपुर व सारवां और दुमका जिला के सरैयाहाट प्रखंड सहित कई इलाके के किसान ले सकेंगे.
इसके अलावा योजना से क्षेत्र के उद्योगों को भी पानी दिया जा सकेगा. क्योंकि इस जलाशय में 18 से 20 मीटर तक पानी स्टैंड बाय में रहेगा. लगभग 78 किमी लंबा कनाल निर्माण पर भी युद्ध स्तर पर काम चल रहा है.
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