देवघर : जिले में पंजीकृत हैं 77 वाहन, चल रहे हैं मात्र 19, गर्भवती को नहीं मिल रहा ममता वाहन
Updated at : 14 Dec 2018 4:00 AM (IST)
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देवघर : गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव लिए अस्पताल तक पहुंचाने तथा गर्भवती महिला, धातृ महिलाओं व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए 77 ममता वाहन का परिचालन किया जा रहा है. लेकिन, मात्र 19 ममता वाहन ही सुचारू रूप से चल रहे हैं. ममता वाहन के मालिक की मनमानी तथा समुचित भाड़ा […]
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देवघर : गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव लिए अस्पताल तक पहुंचाने तथा गर्भवती महिला, धातृ महिलाओं व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए 77 ममता वाहन का परिचालन किया जा रहा है. लेकिन, मात्र 19 ममता वाहन ही सुचारू रूप से चल रहे हैं. ममता वाहन के मालिक की मनमानी तथा समुचित भाड़ा नहीं मिलने को लेकर मालिक गाड़ी नहीं चला रहे.
सहिया के काॅल सेंटर को जानकारी देने के बाद भी ममता वाहन नहीं आते व इसकी सुविधा गर्भवती महिलाआें को नहीं मिल रही. रजिस्टर्ड ममता वाहन में बोलेरो, स्कॉर्पियो और मारुति वैन शामिल हैं. जिसमें एक-एक व्यक्ति ने अलग-अगल नाम से कई वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा रखा है, इसके बाद भी संचालित नहीं कर रहे.
कॉल सेंटर से कॉल के बाद भी वाहन मरीजों के घर तक पहुंच में कतराते रहे है. एेसे में परिजन भाड़े पर निजी वाहन लेकर गर्भवती को अस्पताल पहुंचा रहे हैं. हालांकि, डायल 108 एंबुलेंस आने के बाद थोड़ी राहत मिली. फिर भी ममता वाहन के नहीं चलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वाहन संचालक दे रहे हवाला
गर्भवती महिलाओं को समय पर वाहन की सुविधा नहीं देने की बात पर ममता वाहन संचालक अपना अलग दुखड़ा रोना रो रहे हैं. वाहन संचालकों का कहना है कि उन्हें केवल एक तरफ का किराया दिया जा रहा है, जिस कारण वे गाड़ी नहीं चलाना चाहते. साथ ही डायल 108 एंबुलेंस भी ममता वाहन के कारण भी सेवा प्रभावित होने की बात कही जा रही है.
गािड़यों पर नहीं लिखा है ममता वाहन
शहर में चल रहे पंजीकृत वाहन पर ंएक भी वाहन में ममता वाहन नहीं लिखा हुआ है. एेसे में लोगों को काफी परेशानी हो रही है. लोगों को 108 एंबुलेंस को लोग फोन कर बुला लिया जाता है. जिससे मरीजों को सुविधा मिल जा रही है.
कॉल सेंटर की रात्रि सेवा बंद
ममता वाहन का संचालन के लिए विभाग की ओर से देवघर सदर अस्पताल कॉल सेंटर बनाया गया है. लेकिन कॉल सेंटर रात्रि में संचालित नहीं महीनों से नहीं हो रहा है. कॉल सेंटर के संचालन के लिए मात्र दो ही स्टाफ है जो सुबह सात से दो बजे तथा दूसरा दो बजे से रात नौ बजे तक संचालित किया जा रहा है.
एेसे में रात में गर्भवती महिलाओं को ममता वाहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है. दो कर्मी होने की वजह से रात नौ बजे तक कॉल सेंटर को बंद कर घर चले जाते हैं, इसके बाद कॉल सेंटर में कॉल आने के बाद कोई रिसीव करने वाला नहीं होता है.
कहते हैं सीएस
ममता वाहन का एक तरफ से भाड़ा दिये मिलने से कुछ परेशानी हुई है. अगली बैठक में सभी प्रभारी से ममता वाहन संचालन में हो रही परेशानी को लेकर विचार किया जायेगा. इसके बाद कुछ निर्णय लिया जायेगा. इसके बाद भी लोगों को ममता वाहन की सुविधा मिल रही है.
डॉ कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन
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