बारा हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद

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देवघर : मोहनपुर थाना क्षेत्र के बारा गांव में अनिल यादव की गोली मारकर हत्या मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. सेशन जज चार सत्य प्रकाश की अदालत ने हत्या के दोषी पाये गये छह लोगों को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी. सजा पाने वालों में बालेश्वर मरीक, प्रभु मरीक, पलटू मरीक, संजय […]

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देवघर : मोहनपुर थाना क्षेत्र के बारा गांव में अनिल यादव की गोली मारकर हत्या मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. सेशन जज चार सत्य प्रकाश की अदालत ने हत्या के दोषी पाये गये छह लोगों को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी. सजा पाने वालों में बालेश्वर मरीक, प्रभु मरीक, पलटू मरीक, संजय मरीक, बेला मरीक व नरेश मरीक हैं, जो मोहनपुर थाना क्षेत्र के बारा गांव के रहनेवाले हैं.
न्यायालय ने प्रत्येक दोषियों को 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि मृतक अनिल कुमार यादव की विधवा व उनके वारिशानों की दी जायेगी. अगर यह राशि भुगतान करने में आरोपितगण असफल हो जाते हैं तो सबोंं को अलग से एक साल की सजा अलग से काटनी होगी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक रंजीत सिंह ने घटना की पुष्टि में नौ गवाह दिलाये व दोष सिद्ध करने में कामयाब रहे. बचाव पक्ष से अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने पक्ष रखा लेकिन दोषमुक्त कराने में असफल रहे. यह मुकदमा मृतक के भाई नवल किशोर यादव ने दर्ज कराया था.
कैसे घटी थी घटना : मोहनपुर थाना क्षेत्र के बारा गांव में यह घटना 3 अक्तूबर 2014 को दिन के करीब ढाई बजे घटी थी. दर्ज एफअाइआर के अनुसार, सूचक नवल किशोर यादव का बड़ा भाई अनिल कुमार यादव गांव के बगल में खेत की ओर मवेशी चराने गया था. वहां से वह भोजन के लिए घर लौट रहा था तो रास्ते में सभी आरोपितों ने घेर कर पकड़ने की कोशिश की. अनिल कुमार यादव भागने लगा व शोर मचाने लगा, लेकिन आरोपितों ने दौड़कर दाबोच लिया व नेपाल मरीक ने गोली चला दी जिससे वह जख्मी होकर गिर गया.
मृतक के भाई यानी सूचक बचाने गया, तो उस पर भी जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. इस संबंध में पहले जानलेवा हमला का केस मोहनपुर थाना में दर्ज हुआ. बाद में गोली लगे अनिल की मौत इलाज के क्रम में हो जाने से हत्या की धारा कोर्ट के आदेश पर लगायी गयी. पुलिस ने केस का अनुसंधान पूर्ण करने के बाद चार्जसीट दाखिल किया. इसके बाद केस को सेशन ट्रायल के लिए भेजा गया जहां पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त फैसला दिया गया.
क्यों की गयी थी हत्या : सूचक के बयान में उल्लेख है कि बारा मौजा में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. पांच एकड़ जमीन संबंधी विवाद दुमका कोर्ट में चल रहा था. इसी विवाद को लेकर साजिश के तहत आरोपितों ने घेर कर पकड़ा व गोली मार दी जिससे अनिल कुमार यादव की मौत हो गयी थी. महज 46 माह के अंदर न्यायालय से मृतक की विधवा व उनके परिजनों को इंसाफ मिला. सबों को हत्या के अलावा हत्या प्रयास, घेर कर रखने व मारपीट करने का दोषी पाया व अलग-अलग सजाएं दी गयी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी.
चार साल बाद फैसला. अनिल यादव को मारी गयी थी गोली
प्रत्येक दोषियों को 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
सेशन जज चार सत्य प्रकाश की अदालत से आया फैसला
महज 46 माह में मृतक के परिजनों को मिला इंसाफ
3 अक्तूबर 2014 को घटी थी यह घटना
जिन्हें मिली कोर्ट से सजा
बालेश्वर मरीक
प्रभु मरीक
पलटू मरीक
संजय मरीक
बेला मरीक
नरेश मरीक (सभी बारा, मोहनपुर के)

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