शरीर से नहीं, सिस्टम से हारे सागर वर्णवाल

Updated at : 25 Aug 2018 6:51 AM (IST)
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शरीर से नहीं, सिस्टम से हारे सागर वर्णवाल

सारवां : मझीलाडीह गांव के सागर वर्णवाल को इस सिस्टम ने ऐसी स्थिति पर खड़ा कर दिया कि अब वह शरीर से नहीं बल्कि व्यवस्था से ही थक चुके हैं. नि:शक्त सागर पिछले पांच साल से अधिक समय से अपना हक मांगने के लिए कार्यालयों का चक्कर काटते-काटते थक गये. लेकिन, बाबुओं की अनदेखी ने […]

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सारवां : मझीलाडीह गांव के सागर वर्णवाल को इस सिस्टम ने ऐसी स्थिति पर खड़ा कर दिया कि अब वह शरीर से नहीं बल्कि व्यवस्था से ही थक चुके हैं. नि:शक्त सागर पिछले पांच साल से अधिक समय से अपना हक मांगने के लिए कार्यालयों का चक्कर काटते-काटते थक गये. लेकिन, बाबुओं की अनदेखी ने उन्हें अंदर से इतना तोड़ दिया कि सबकुछ नसीब पर ही छोड़ दिया. उन्हें अबतक नि:शक्तता पेंशन नहीं मिल सकी है. खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिल सकी है. सागर व उनकी बेटी आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.
इधर, सागर के जानकारी मिलने पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभयानंद झा भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे व उनकी समस्याएं सुनी. उन्होंने पंचायत के उप मुखिया व पंचायत सचिव से परिवार को सरकारी योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला भेजने को कहा. इस अवसर पर भजपा मंडल अध्यक्ष बलराम पोद्दार, किशन भगत, कुंदन झा, सूरज झा, अमित गुप्ता, दिवाकर वर्मा, कुणाल कुमार, रिजवान खान, मोनू गुप्ता, आशिष चौरसिया आदि थे.
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