देवघर ब्लड बैंक में खून नहीं, कैसे बचेगी जान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर : सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड का टोटा हो गया है. अधिकांश लोग चाहते हैं कि बगैर रक्तदान के ही उन्हें ब्लड मिल जाये. ब्लड बैंक से बिना रक्तदान के ब्लड लेने के लिए मंत्री, विधायक व अन्य की पैरवी लगाते हैं. देवघर ब्लड बैंक में… रोजाना मुफ्त में ब्लड […]
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देवघर : सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड का टोटा हो गया है. अधिकांश लोग चाहते हैं कि बगैर रक्तदान के ही उन्हें ब्लड मिल जाये. ब्लड बैंक से बिना रक्तदान के ब्लड लेने के लिए मंत्री, विधायक व अन्य की पैरवी लगाते हैं.
देवघर ब्लड बैंक में…
रोजाना मुफ्त में ब्लड देने के लिए सदर अस्पताल के डीएस समेत सिविल सर्जन को दर्जनों कॉल आते हैं. अभी ब्लड बैंक की स्थिति यह है कि मात्र तीन यूनिट ब्लड रह गया है. इसमें ए पॉजिटिव, ओ पॉजिटिव व एबी पॉजिटिव ग्रुप का ब्लड एक-एक यूनिट रह गया है. सदर अस्पताल समेत जिलेभर के सैकड़ों क्लिनिक इसी ब्लड बैंक पर निर्भर हैं. इसके अलावा अगर बांका, जमुई, दुमका व गोड्डा में भी ब्लड की जरूरत होती है तो एकमात्र देवघर सदर अस्पताल का ब्लड बैंक ही सहारा है.
लोगों में भ्रांति: रक्त देने से हो जायेंगे कमजोर : रक्तदान को लेकर अक्सर लोगों के बीच भ्रांति है कि रक्त देने से वे कमजोर हो जायेंगे. रक्तदान के प्रति लोगों के बीच जागरुकता का पूर्ण अभाव है. ऐसे में बहुत कम लोग ही रक्तदान के लिए आगे आते हैं. देवघर में समाजसेवियों व नेताओं की भी कमी नहीं है. बावजूद स्वैच्छिक रक्तदान के लिए कोई आगे नहीं आते हैं. अगर लोग रक्तदान नहीं करेंगे तो कैसे ब्लड बैंक में स्टॉक हो पायेगा.
स्वैच्छिक रक्तदान करें : ब्लड बैंक प्रभारी
सदर अस्पताल के प्रभारी ब्लड बैंक डॉ मनोज गुप्ता ने कहा कि ब्लड बाजार में नहीं मिलता. रिप्लेसमेंट में अगर ब्लड नहीं आयेगा तो ब्लड बैंक चलाना मुश्किल हो जायेगा. अपील है कि लोग इसे गंभीरता से लें और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आकर ब्लड बैंक को सहयोग करें. तभी किसी की जान बच सकेगी. ब्लड देने से कोई कमजोर नहीं होता. चार माह में हर स्वस्थ आदमी को रक्तदान करना चाहिये.
मात्र तीन यूनिट ब्लड ही बचा है सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में
ब्लड बैंक पर सरकारी, प्राइवेट अस्पताल समेत दुमका, गोड्डा, बांका व जमुई के मरीजों की है आत्मनिर्भरता
पैरवी से सभी लेना चाहते हैं सभी, बदले में खून देने से कतराते हैं
प्रभात अपील
आगे आएं शहर के लोग
आपका एक यूनिट ब्लड किसी को जिंदगी दे सकता है. रक्तदान से कमजोरी नहीं होती. एक यूनिट रक्त की भरपाई 24 घंटे में हो जाता है. समाजसेवी राजनीतिज्ञ व युवाओं से अपील है कि रक्तदान के लिए आगे आयें.
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