डीएलओ कार्यालय का हाल: काम झारखंड को साक्षर करना, चलाते हैं मनमर्जी, पूछनेवाला कोई नहीं आने का तय नहीं, जब चाहे चल दिये

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झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय. यहां से जिले भर में चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है. कार्यालय के अफसर व कर्मचारियों पर सर्व शिक्षा अभियान से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतरने की महती जवाबदेही है. इसके लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है. इस वर्ष भी 80 करोड़ का बजट […]

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झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय. यहां से जिले भर में चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है. कार्यालय के अफसर व कर्मचारियों पर सर्व शिक्षा अभियान से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतरने की महती जवाबदेही है. इसके लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है. इस वर्ष भी 80 करोड़ का बजट है. यहां कर्मचारियों के आने का वक्त सुबह 10 बजे तय है, लेकिन हालात उलट है. हालात देखने सोमवार को प्रभात खबर की टीम ने कार्यालय का जायजा लिया. शायद ही कोई समय पर पहुंचा था. स्थिति यह थी कि सुबह 10.16 बजे पहुंचे एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अंजनी कुमार दुबे को भी बिना काम कराये लौटना पड़ा.
देवघर : झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय खुलने तथा पदाधिकारियों व कर्मचारियों के आने-जाने के समय का अनुपालन नहीं किया जा रहा है. नतीजा कामकाज के सिलसिले में कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. कहीं अधिकारी नहीं पहुंचे, तो उन्हें बैरंग लौटना भी पड़ जाता है.

सोमवार को कार्यालय समय पर खुला, लेकिन दिन के 10.21 बजे से पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो दिन के करीब 11.30 बजे तक जारी रहा. इस दौरान एजी ऑफिस से परफॉरमेंस ऑडिट के लिए पहुंचे एएओ सीके राज को भी इंतजार करना पड़ा.
डीएसइ ने कहा
कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने का निर्देश है. बावजूद समय का अनुपालन नहीं कर रहे हैं. यह गंभीर बात है. सभी से स्पष्टीकरण पूछा जायेगा. स्पष्टीकरण के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
– सीवी सिंह, डीएसइ, देवघर
एडीसी को बैरंग लौटना पड़ा
ऑफिशियल काम के सिलसिले में एडीसी अंजनी कुमार दूबे दिन के 10.16 बजे झारखंड शिक्षा परियोजना पहुंचे थे. इस दौरान कार्यालय में कोई भी पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं थे. एडीसी बेंच पर बैठ कर इंतजार करते रहे. अंतत: इंतजार के बाद एडीसी कार्यालय से वापस लौट गये.
कौन कितने बजे आये
झारखंड शिक्षा परियोजना का कार्यालय खुलने के बाद सर्वप्रथम सुबह 10.21 बजे डीजीसी आभा मंडल पहुंचीं. जिला रिसोर्स पर्सन सुनीता होरो सुबह 10.38 बजे पहुंचीं. एपीओ कुलदीपक अग्रवाल करीब 10.40 बजे पहुंचे, वहीं एसीपी अनिल कुमार दिन के 10.53 बजे पहुंचे. इसके अलावा लेखा पदाधिकारी दिन के 11.17 बजे पहुंचे.
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