अटल टिंकरिंग लैब से बच्चे भरेंगे सपनों की उड़ान

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देवघर के 20 स्कूलों में शुरू होगा अटल टिंकरिंग योजना छठी से 12वीं के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब बनाएगी सरकार लैब निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तक मदद करेगी सरकार देवघर : केंद्र सरकार बच्चों को कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए देश भर के स्कूलों में ‘अटल टिंकरिंग योजना’ […]

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देवघर के 20 स्कूलों में शुरू होगा अटल टिंकरिंग योजना

छठी से 12वीं के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब बनाएगी सरकार
लैब निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तक मदद करेगी सरकार
देवघर : केंद्र सरकार बच्चों को कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए देश भर के स्कूलों में ‘अटल टिंकरिंग योजना’ शुरू करने जा रही है. इस योजना के जरीये बच्चों को सपनों की उड़ान भरने के लिए पंख मिल जायेगा. इस योजना के तहत संताल परगना के 140 हाइस्कूलों व देवघर के 40 स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब बनाया जायेगा. इसका सीधा लाभ कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चों को मिलेगा. योजना को मूर्त रूप देने के लिए 12 अगस्त को दुमका में वर्कशॉप का आयोजन किया जायेगा.
स्कूलों में लैब बनाने के लिए 20 लाख रुपये की वित्तीय मदद सरकार द्वारा दी जायेगी. शुरुआती दौर में 10 लाख रुपये दिये जायेंगे. शेष राशि पांच वर्षों तक किश्तवार दी जायेेगी. लैब के नियमित रखरखाव के लिए प्रत्येक महीने दो-दो हजार रुपये भी दिये जायेंगे. स्कूल प्रशासन आयोग की वेबसाइट पर जाकर इस योजना के तहत अपने यहां अटल टिंकरिंग लैब बनाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस योजना के तहत सरकारी व स्थानीय निकाय से संचालित स्कूल और ट्रस्ट या सोसाइटी द्वारा संचालित छठी से 12वीं तक के स्कूल अपने यहां लैब स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे.
योजना की खास बात यह है कि अटल लैब स्थापित करने में उन्हीं स्कूलों को वरीयता दी जाएगी, जिनके छात्रों और शिक्षकों की हाजिरी पिछले तीन वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक है. साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में बीते तीन वर्षों के रिजल्ट को भी देखा जायेगा. इसके अलावा स्कूल में ढांचागत सुविधाएं जैसे कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी व प्लेग्राउंड की जानकारी भी स्कूलों को आवेदन में देनी होगी. हालांकि कम से कम 25 प्रतिशत लैब सरकारी स्कूलों में ही स्थापित की जायेगी.
अटल टिंकरिंग योजना का उद्देश्य
इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद हरेक स्कूल के 10 बच्चों को ‘निओटेरिक इनोवेटर’ के रूप में निखारना है. अंग्रेजी भाषा के ‘निओटेरिक’ शब्द का हिन्दी में अर्थ होता है : एक ऐसा व्यक्ति जो नए विचारों की वकालत करता है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि बाल मन से ही प्रतिभा को निखार कर बच्चों को आविष्कारक बनाया जाए. अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के विभिन्न पहलुओं को समझाने के साथ-साथ उपकरणों और औजारों का इस्तेमाल कर कुछ नया करने का अवसर दिया जाएगा. अटल लैब में आइआर सेंसर से लेकर थ्री डी प्रिंटर्स और अल्ट्रासॉनिक सेंसर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे.
राष्ट्रीय स्तर पर होगी पत्र लेखन प्रतियोगिता
कार्यक्रम पत्र का थीम ‘प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते हैं’, 15 अगस्त तक जमा कर देना है सभी पत्र
सोशल साइट्स व मोबाइल मैसेजेस ने संदेश भेजने के तरीकों को आसान कर दिया जिस कारण चिट्ठियां लिखने का दौर खत्म होता चला गया. लेकिन पत्र ऐसा माध्यम है जिससे ना केवल खबरें बल्कि भावनाओं का भी जुड़ाव हाे जाता है. अब चिट्ठियाें के महत्व को बताने व इसकी उपयोगिता से लोगों को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने नया पहल किया है. केंद्रीय संचार राज्य मंत्रालय के आदेशानुसार डाक विभाग की ओर से देशभर में ढाई आखर के नाम से अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. देवघर प्रधान डाकघर के अधिकारी भी इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में जुट गये हैं.
प्रतियोगिता में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता के लिए जिले के स्कूल कॉलेजों को पत्र लिख कर छात्र-छात्राओं को शामिल होने के लिए पत्र भेजा जा रहा है. विभाग की ओर से पोस्टल सामग्री भी उपलब्ध करायी जा रही है.
15 अगस्त तक जमा करना है पत्र : प्रतियोगिता में 18 वर्ष से कम व 18 वर्ष से अधिक दोनों उम्र के प्रतिभागियों को शामिल किया जा रहा है. अतंर्देशीय पत्र में पांच सौ शब्दों व लिफाफा श्रेणी में एक हजार शब्द सीमा है. पत्र का मुख्य थीम प्रिय बापू (महात्मा गांधी) आप मुझे प्रेरित करते हैं. सभी पत्रों को पंद्रह अगस्त तक जमा कर देना है. राज्य स्तर पर पंद्रह अगस्त के अंत तक व राष्ट्रीय स्तर पर दो अक्तूबर को रिजल्ट की घोषणा होगी. राज्य स्तर पर अगस्त के अंत तक रिजल्ट की घोषणा होगी वहीं राज्य स्तर पर चयनित सभी पत्रों को दिल्ली भेजा जायेगा. दो अक्तूबर को परिणाम घोषित होने के बाद प्रथम,
द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को गुजारात स्थित साबरमती आश्रम में नकद पुरस्कार के साथ मानक उपाधि देकर सम्मानित किया जायेगा. विजेता प्रतिभागी को डाक विभाग के संरक्षक की उपाधी दी जायेगी. राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को क्रमश: नगद 25 हजार, 10 हजार व पांच हजार रुपये दिया जायेगा. राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 50 हजार, 25 हजार व 10 हजार रुपये के अलावे प्रशस्ति पत्र व मानक उपाधि देकर पुरस्कार के साथ सम्मानित किया जायेगा. पत्र किसी भी भाषा में लिखने की छूट है.
15 अगस्त तक राज्य स्तर पर व दो अक्तूबरत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों का चयन
चयनित प्रतिभागियों को साबरमती आश्रम में नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र
ढाई आखर के नाम से प्रतियोगिता का हो रहा आयोजन
अंतर्देशीय में पांच सौ शब्द व लिफाफा श्रेणी में एक हजार शब्द सीमा
किसी भी भाषा में पत्र लिखने की छूट
विभाग की ओर से स्कूल व कॉलेजों में उपलब्ध करायी गयी पोस्टल स्टेशनरी
अब तक इन स्कूलों को भेजा गया निमंत्रण
डीएभी साप्तर, संत फ्रांसिस देवघर, दिनबंधू स्कूल, देवघर, मैत्रेय किड्स, विवेकानंद स्कूल, बीएड कॉलेज हिदी विद्यापीठ, डीपसर देवसंघ, व नेशनल पब्लिक स्कूल को पत्र भेजा गया है.
इंटरनेट व मोबाइल युग में विलुप्त हो रहे पत्र लेखन की परंपरा को बचाने के लिए यह आयाेजन किया जा रहा है. महात्मा गांधी के बारे में व उनकी जीवनी के बारे में अवगत हो सकें.
शांतनु आजाद, एएसपी, प्रधान डाकघर, देवघर
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